जिले सहित पूरे झारखंड में धान खरीदी की प्रक्रिया 15 दिसंबर से शुरू हुई, 15 दिनों के भीतर धनबाद जिला इस मामले में राज्य में अंतिम पायदान पर पहुंच गया है. आंकड़ों के अनुसार धनबाद में अब तक केवल 4210.68 क्विंटल धान की ही खरीद हो सकी है. इस दौरान जिले के मात्र 109 किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना धान बेचा. किसानों का कहना है कि केंद्रों की संख्या कम, भुगतान में देरी और तकनीकी अड़चनों के कारण वे धान बेचने से हिचक रहे हैं. बता दें की धनबाद में धान खरीदी का लक्ष्य दो लाख क्विंटल निर्धारित किया गया है. बीते वर्ष भी जिले में लक्ष्य का 80 प्रतिशत ही पूरा किया जा सका था.
हजारीबाग में रिकॉर्ड खरीद, रांची और पलामू भी आगे
राज्य में धान खरीदी के मामले में हजारीबाग जिला पहले स्थान पर है. यहां महज 15 दिनों में 90113.19 क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है, जिसमें 1830 किसानों ने भाग लिया. दूसरे स्थान पर रांची जिला है, जहां 82067.37 क्विंटल धान की खरीद हुई और 1151 किसानों ने धान बेचा. तीसरे स्थान पर पलामू रहा, जहां 78273.97 क्विंटल धान की खरीद दर्ज की गई और 1134 किसान क्रय केंद्रों तक पहुंचे. बता दें कि हजारीबाग व रांची को साढ़े तीन लाख और पलामू को दो लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य है.बोकारो से आगे निकला गिरिडीह
धान खरीदी के आंकड़ों में गिरिडीह ने बोकारो को पीछे छोड़ दिया है. गिरिडीह में 57141.37 क्विंटल धान की खरीद हुई, जिसमें 873 किसानों ने धान बेचा. वहीं बोकारो में 26479.54 क्विंटल धान की खरीद दर्ज की गई और यहां 521 किसानों ने अपनी उपज बेची. गिरिडीह में साढ़े तीन व बोकारो में दो लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य दिया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
