धनबाद के बिनोद नगर की बहू और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर से शोध उपाधि प्राप्त डॉ ईशा मेधा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपलब्धि दर्ज कराया है. उन्होंने ब्रिक्स महिला उद्यमिता प्रतियोगिता 2026 में दूसरा उपविजेता सम्मान हासिल किया. नौ सितंबर को नयी दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान दिया गया.
कृषि और अपशिष्ट से तैयार कर रही उपयोगी पदार्थ
डॉ ईशा मेधा कॉलोट्रोप्स प्राइवेट लिमिटेड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सह-संस्थापक हैं. उनकी कंपनी अपशिष्ट और कृषि अपशिष्ट से उन्नत कार्बन पदार्थ तैयार करने की दिशा में काम कर रही है. इससे ऊर्जा भंडारण, जल शोधन और पर्यावरण सुधार जैसे क्षेत्रों में उपयोग की संभावनाएं हैं. उनका प्रयास अपशिष्ट पदार्थों को उपयोगी संसाधन में बदलने पर केंद्रित है.
शोध और उद्यमिता को साथ लेकर बढ़ाया कारोबार
डॉ ईशा मेधा ने पर्यावरण अभियांत्रिकी में परास्नातक और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर से शोध उपाधि हासिल की है. उन्होंने अपने शोध अनुभव को उद्यमिता से जोड़ते हुए कंपनी को आगे बढ़ाया. उनकी कंपनी को उद्योग व आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग से मान्यता प्राप्त है और इसके नवाचार से जुड़े कई पेटेंट के लिए आवेदन किये गये हैं.
सम्मान ससुराल और परिवार को किया समर्पित
डॉ ईशा मेधा ने अपनी इस उपलब्धि को अपने ससुराल और परिवार को समर्पित किया है. उन्होंने अपने ससुर धनंजय प्रसाद गुप्ता और सास रेखा गुप्ता, पति डॉ सुभाष चंद्र तथा पूरे परिवार के प्रति आभार जताया. कहा कि परिवार ने हमेशा उन्हें बड़े सपने देखने और अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया.
परिवार के सहयोग को बताया सफलता की ताकत
डॉ ईशा मेधा के अनुसार, एक महिला जब अपने सपनों को साकार करने के लिए आगे बढ़ती है, तो परिवार का विश्वास और सहयोग उसे नयी ऊंचाइयों तक पहुंचने का आत्मविश्वास देता है. बिनोद नगर से जुड़ा उनका पारिवारिक रिश्ता अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा है. उनकी उपलब्धि से धनबादवासी भी गौरवान्वित हैं.
