Dhanbad news: उपायुक्त आदित्य रंजन की प्रशासनिक कार्यशैली को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है. फेम इंडिया-एशिया पोस्ट सर्वे 2026 में उन्हें देश के 50 सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारियों (डीएम/डीसी) की सूची में शामिल किया गया है. इससे पहले भी उनके कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा चुका है. इस बार के मूल्यांकन में उन्हें 1000 में से 824 अंक प्राप्त हुए हैं. यह उपलब्धि धनबाद जिले के लिए भी गौरव का विषय मानी जा रही है.
कैसे हुआ चयन?
फेम इंडिया-एशिया पोस्ट के सर्वे के पहले चरण में देश के करीब 800 जिलों में कार्यरत जिलाधिकारियों के प्रदर्शन का अध्ययन किया गया. इसके बाद 23 राज्यों के 100 जिलाधिकारियों का चयन किया गया. अंतिम चरण में प्रशासनिक दक्षता, प्रभावी गवर्नेंस, नवाचार, संकट प्रबंधन, जनसंपर्क, जवाबदेही, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्णय क्षमता समेत 10 प्रमुख मानकों पर मूल्यांकन कर देश के शीर्ष 50 जिलाधिकारियों की सूची तैयार की गई.
झारखंड से सिर्फ दो अधिकारियों को मिली जगह
सर्वे के पहले चरण में झारखंड से आदित्य रंजन, मंजूनाथ भाजंत्री, दिनेश कुमार यादव, रवि आनंद, आर. रोनिता और हेमंत सती का चयन हुआ था. हालांकि अंतिम सूची में केवल आदित्य रंजन और मंजूनाथ भाजंत्री ही स्थान बनाने में सफल रहे.
किस कार्यशैली ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान?
वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी आदित्य रंजन को कौशल विकास, त्वरित निर्णय क्षमता, जवाबदेह प्रशासन, प्रभावी गवर्नेंस, दूरदर्शी सोच, नवाचार, उत्कृष्ट प्रशासनिक नेतृत्व, जनसंवाद और विकासोन्मुख कार्यशैली के लिए उच्च अंक दिए गए. धनबाद में उनके कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक पारदर्शिता, तकनीक आधारित सेवाओं का विस्तार, जन शिकायतों के त्वरित समाधान तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी गई.
धनबाद के लिए क्यों है खास उपलब्धि?
राष्ट्रीय स्तर पर लगातार दूसरी बार मिली यह पहचान न केवल उपायुक्त आदित्य रंजन के प्रशासनिक नेतृत्व की पुष्टि करती है, बल्कि धनबाद में बेहतर प्रशासन, नवाचार और जनहित केंद्रित कार्यशैली की भी स्वीकृति मानी जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस उपलब्धि से जिले की प्रशासनिक छवि राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई है.
