जन्मजात क्लेफ्ट लिप (कटे होंठ) से पीड़ित पांच माह से 13 वर्ष तक के सात बच्चों को नि:शुल्क सर्जरी के लिए मंगलवार को रांची भेजा गया. डीसी आदित्य रंजन के निर्देश पर सदर अस्पताल में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत आयोजित विशेष शिविर में बच्चों की जांच की गयी थी. जांच के बाद सभी बच्चों को ऑपरेशन के लिए रांची स्थित देव कमल अस्पताल भेजा गया. बच्चों के साथ उनके अभिभावक, आरबीएसके के चिकित्सक और शिविर के नोडल पदाधिकारी भी रांची गये हैं.
पांच माह से 13 वर्ष तक के बच्चे शामिल
सिविल सर्जन डॉ आलोक विश्वकर्मा ने बताया कि जामडीह टुंडी के पांच माह, मुकुंदा के आठ माह, बरमसिया के 13 माह, नेतवारी आंगनबाड़ी के दो वर्ष, पुलिस लाइन और हरमाडीह के नौ वर्ष तथा बांसजोरा के 10 वर्षीय बच्चे को सर्जरी के लिए भेजा गया है.
उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों में क्लेफ्ट लिप की सर्जरी में लाखों रुपये तक खर्च हो सकते हैं, लेकिन जिला प्रशासन के सहयोग से इन बच्चों का इलाज पूरी तरह नि:शुल्क कराया जा रहा है. सभी बच्चों का हेल्थ कार्ड तैयार किया गया है. ऑपरेशन के बाद भी उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जायेगी.
तकनीकी कारणों से सदर अस्पताल में नहीं हो सका ऑपरेशन
सीएस डॉ आलोक विश्वकर्मा ने बताया कि तकनीकी कारणों से इस बार सदर अस्पताल में क्लेफ्ट लिप की सर्जरी नहीं हो सकी. हालांकि, अगले दो माह के भीतर सदर अस्पताल में ही इस सर्जरी की स्थायी व्यवस्था शुरू करने की तैयारी है.
मौके पर उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार प्रसाद, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ रोहित गौतम, डीपीएम प्रतिमा कुमारी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.
