लकड़का स्थित लाल घोड़ा में सोमवार को ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी की पुण्यतिथि मनायी गयी. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. इस दौरान लोगों ने दशरथ मांझी के संघर्ष, मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया. अध्यक्षता निरंजन भुइयां ने की. संचालन राजेंद्र प्रसाद ने किया. कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि गया जिले के गेहलौर निवासी दशरथ मांझी ने पत्नी की मौत के बाद पहाड़ के कारण ग्रामीणों को होने वाली परेशानी को महसूस किया और अकेले ही छेनी-हथौड़े से पहाड़ काटकर रास्ता बनाने का संकल्प लिया. करीब 22 साल की अथक मेहनत के बाद उन्होंने पहाड़ के बीच रास्ता बना दिया. उनका जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है. मौके पर पार्षद निरुपमा देवी, जिलाध्यक्ष गणेश भुइयां, महामंत्री इंद्रदेव भुइयां, पूर्व मुखिया अर्जुन मुखिया, रामलखन राम, राजकुमार दास, झामुमो नेता रतिलाल टुडू, लखन भुइयां, आजाद भुइयां, राजेश कुमार, लक्ष्मण कुमार, सुनील कुमार, पिंकी देवी, रूबी देवी, रामलखन भुइयां, महादलित परिसंघ के प्रदेश अध्यक्ष किस्मत कुमार आदि थे.
पुण्यतिथि पर दशरथ मांझी को दी गयी श्रद्धांजलि

दशरथ मांझी | Prabhat Khabar Network
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कतरास में माउंटेन मैन दशरथ मांझी की पुण्यतिथि मनाई गई। ग्रामीणों ने उनके संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति को याद कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।