Dhanbad News: आइआइटी आइएसएम में कॉन्क्लेव छह से, स्मार्ट तकनीक और टिकाऊ खनन पर होगा मंथन
Dhanbad News: शताब्दी वर्ष समारोह के तहत होगा आयोजन, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच होगा संवाद
Dhanbad News: आइआइटी आइएसएम धनबाद में छह से आठ फरवरी तक आइआइआइ-2026 कॉन्क्लेव एवं एग्जीबिशन का आयोजन किया जायेगा. यह कार्यक्रम आइआइटी आइएसएम के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत आयोजित हो रहा है. कॉन्क्लेव में स्मार्ट माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स और हरित ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी. इस आयोजन में विज्ञान भारती, केंद्रीय खनन एवं ईंधन अनुसंधान संस्थान तथा टेक्समिन का सहयोग रहेगा. कार्यक्रम की थीम आत्मनिर्भर भारत पर आधारित स्मार्ट माइनिंग, महत्वपूर्ण खनिज और स्वच्छ ऊर्जा है. यह जानकारी सोमवार को प्रेस वार्ता में आइआइटी आइएसएम के निदेशक प्रो सुकुमार मिश्रा, सिंफर निदेशक प्रो एके मिश्रा, विज्ञान भारती के डॉ एनपी शुक्ला तथा आइआइटी आइएसएम के उपनिदेशक प्रो धीरज कुमार ने दी.
ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार पर होगी चर्चा
प्रो सुकुमार मिश्रा ने बताया कि आइआइआइ-2026 का उद्देश्य खनन और ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार आधारित और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना है, ताकि देश ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सके. आइआइआइ-2026 के दौरान हरित माइनिंग तकनीक, स्मार्ट माइनिंग प्रणाली, टिकाऊ खनन प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा समाधान पर विशेषज्ञ अपने विचार देंगे. माइनिंग फाइव प्वाइंट जीरो जैसे नये कॉन्सेप्ट पर भी चर्चा होगी. इसमें डिजिटलाइजेशन, सर्कुलर इकॉनमी और सस्टेनेबिलिटी को खास महत्व दिया जायेगा. इसके साथ ही, ऑटोनॉमस माइनिंग सिस्टम, ऊर्जा दक्ष तकनीक, वेस्ट मिनिमाइजेशन और रीयूज जैसे विषयों पर सत्र आयोजित होंगे. यह मंच उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच संवाद को मजबूत करेगा.
एग्जीबिशन होगा आकर्षण
सिंफर निदेशक प्रो एके मिश्रा ने बताया कि आइआइआइ कॉन्क्लेव का मुख्य आकर्षण एग्जीबिशन होगा. इस एग्जीबिशन में सीएसआइआर की प्रयोगशालाओं के साथ-साथ उद्योग जगत तथा आइआइटी आइएसएम के शिक्षक और छात्र अपने शोध कार्यों को प्रदर्शित करेंगे. इसमें राज्य भर से विद्यार्थी भाग ले सकेंगे.
क्रिटिकल मिनरल्स पर विशेष जोर : उपनिदेशक प्रो धीरज कुमार ने बताया कि कॉन्क्लेव का मुख्य फोकस क्रिटिकल मिनरल्स पर रहेगा. लिथियम, ग्रेफाइट, कोबाल्ट, टाइटेनियम और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे खनिज देश की आर्थिक प्रगति, ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम हैं. इसमें झारखंड के सिसकारी ब्लॉक में मौजूद रेयर अर्थ मिनरल्स तथा कोयला खदानों में लिथियम और अन्य रेयर मिनरल्स की मौजूदगी व उनके खनन की तकनीक पर चर्चा होगी.बसंत 2026 और सृजन उत्सव भी होंगे शामिल
आइआइटी आइएसएम में छह से आठ फरवरी तक संस्थान का सांस्कृतिक उत्सव सृजन भी होगा. आठ फरवरी को शताब्दी वर्ष पूर्व छात्र सम्मेलन बसंत 2026 का आयोजन होगा. इसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में पूर्व छात्र भाग लेंगे. प्रेस वार्ता के दौरान डीन कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन प्रो रजनी सिंह समेत अन्य मौजूद थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
