- जिसकी शिकायत पर एसीबी ने बलियापुर में किया था को-ऑर्डिनेटर को गिरफ्तार, उस पर जालसाली का आरोप

जिसकी शिकायत पर हुई थी एसीबी कार्रवाई, उस पर केस

बलियापुर बीडीओ ने प्राथमिकी के लिए थाना में दी शिकायत, पुलिस कर रही है जांच

एक साल के अंदर दंपती के खातों में बिना कोई काम किये ट्रांसफर हुए 12.90 लाख

बलियापुर. भिखराजपुर गांव के मो इरशाद आलम व उनकी पत्नी नाजिया परवीन पर 15वें वित्त आयोग की योजनाओं में जालसाजी कर षड्यंत्र के तहत सरकारी राशि हड़पने के प्रयास का आरोप लगाते हुए बलियापुर बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने इसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के लिए बलियापुर थाना को आवेदन दिया है. इरशाद आलम वही है, जिसकी शिकायत पर पिछले महीना एसीबी ने प्रखंड समन्वयक को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था. समन्वयक पर आरोप था कि बंदरचुआ हरि मंदिर में व चांदकुइयां पंचायत के गोलमारा हरि मंदिर में पेवर्स ब्लॉक निर्माण योजनाओं में बिल निकासी के एवज में रिश्वत की मांग करता है.

काम से अधिक राशि का भुगतान पति-पत्नी के खाते में हुआ है, नहीं दिया गया है शो-कॉज का जवाब

बीडीओ श्री सिन्हा के अनुसार उक्त दोनों योजनाओं की जांच में अभी तक जितना कार्य किया गया था, उसके अनुरूप अधिकतम भुगतान लाभुक समिति के खाते में दो महीना पहले ही किया जा चुका है. श्री सिन्हा ने इस संबंध में दो बार नोटिस के माध्यम से मो इरशाद आलम को बकाया राशि के संबंध में दस्तावेज और वाउचर आदि प्रस्तुत करने का अवसर दिया, लेकिन इरशाद ने उसका कोई जवाब नहीं दिया. बंदरचुआ की योजना में इरशाद आलम के बैंक खाता में कुल एक लाख 37 हजार की राशि का ट्रांसफर हुआ है, जबकि गोलमारा के काम में लाभुक समिति के बैंक खाता से इरशाद की पत्नी नाजिया परवीन के बैंक खाता में कुल एक लाख 49 हजार रुपए ट्रांसफर किये गये हैं. एक वर्ष में मो इरशाद आलम के बैंक खाते में चार लाख 17 हजार रुपए और उनकी पत्नी नाजिया परवीन के बैंक खाते में 8 लाख 73 हजार रुपए की सरकारी राशि सहित कुल 12 लाख 90 हजार रुपए का ट्रांसफर हुआ है, जबकि दोनों न तो निबंधित आपूर्तिकर्ता है, न निबंधित ठेकेदार और न ही लाभुक समिति का सदस्य. शुद्ध रूप से बिचौलिया है, जिसका काम भोले-भाले लोगों की समिति का पैसा हड़पना है. योजनाओं में भी पति-पत्नी ने बिना काम कराये ही सरकारी राशि को हड़पने का प्रयास किया है. इस संबंध में बलियापुर के थाना प्रभारी आशीष भारती ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है, उसके बाद कार्रवाई की जायेगी. दूसरी ओर, मो इरशाद का कहना है कि सारे आरोप बेबुनियाद व गलत हैं.

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