आइआइटी आएसएम : कोयला सचिव ने दी भविष्य की ऊर्जा जरूरतों की जानकारी

संस्थान के टेक्समिन के विभिन्न केंद्रों का भी दौरा किया

धनबाद.

अतिरिक्त कोयला सचिव रूपिंदर बरार गुरुवार को आइआइटी आइएसएम पहुंची. यहां संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा और उप निदेशक प्रो. धीरज कुमार ने उनका स्वागत किया. चर्चा के क्रम में उन्होंने भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए कोयला मंत्रालय के दृष्टिकोण की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने संस्थान के खनन प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र टेक्समिन के विभिन्न केंद्रों का भी दौरा किया. टेक्समिन के निदेशक प्रो. धीरज कुमार ने रूपिंदर बरार को साइबर भौतिक प्रणालियों आइओटी, एआइ, एमएल, ब्लाकचेन, ड्रोन और सैटेलाइट इमेजरी आदि का उपयोग कर टेक्समिन में खनिज अन्वेषण और खनन के विभिन्न व्यावसायिक समाधानों के विकास कार्य का विवरण दिया. बताया कि टेक्समिन का उद्देश्य अन्वेषण और खनन में प्रौद्योगिकियों के विकास और भारतीय खदानों को अधिक नवीन, सुरक्षित और संधारणीय बनाने के लिए अगली पीढ़ी के टेक्नोक्रेट तैयार करना है. मौके पर सीआइएसएफ के डीआइजी आनंद सक्सेना, पूर्व डीआइजी विनय काजला उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >