धनबाद. बिजली क्षेत्र में कोयले की बढ़ती मांग को देखते हुए बीसीसीएल ने उत्पादन और कोयला डिस्पैच की रफ्तार बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है. इसी क्रम में रविवार को बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने सिजुआ क्षेत्र की प्रमुख खदानों का दौरा कर खनन कार्य, उत्पादन और कोयला भेजने की व्यवस्था की समीक्षा की.
सीएमडी ने अमलगामेटेड सेंद्रा बांसजोड़ा निचितपुर, तेलतुमारी, मुदीडीह और कनकनी खदानों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने खनन कार्य की प्रगति, परिचालन व्यवस्था और खदानों की जरूरतों की जानकारी ली. अधिकारियों को उत्पादन बढ़ाने के साथ परिचालन क्षमता में सुधार और कोयला डिस्पैच की गति तेज करने पर जोर दिया गया.
पाथरडीह वाशरी से तीन रैक भेजने का निर्देश
खदानों के निरीक्षण के बाद सीएमडी पाथरडीह वाशरी पहुंचे. यहां उन्होंने बिजली संयंत्रों को भेजे जा रहे धुले हुए कोयले की स्थिति की समीक्षा की. वर्तमान में वाशरी से प्रतिदिन एक रैक धुला हुआ कोयला बिजली संयंत्रों को भेजा जा रहा है.
बिजली क्षेत्र की बढ़ती मांग को देखते हुए सीएमडी ने डिस्पैच बढ़ाने का निर्देश दिया. उन्होंने पाथरडीह वाशरी से बिजली संयंत्रों के लिए प्रतिदिन तीन रैक कोयला भेजने को कहा. इससे बिजली क्षेत्र की मांग के अनुरूप कोयले की आपूर्ति बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
