आनंद योग धारा धनबाद की ओर से आइआइटी आइएसएम में आयोजित ‘आध्यात्म में प्रवेश, स्वयं को जानो’ भारत योग यात्रा धनबाद 2026 के दूसरे दिन शनिवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने योगाभ्यास और सत्संग में भाग लिया. सुबह बिहार योग विद्यालय, विश्व योगपीठ मुंगेर के परमाचार्य स्वामी निरंजनानंद सरस्वती महाराज ने योगाभ्यास कराया. इसमें महिला- पुरुष श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया.
पूरे विश्व में प्रचलित अभ्यास बन चुकी है योग निद्रा
वहीं शाम को पेनमैन हॉल में आयोजित सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने कहा कि योग निद्रा आज पूरे विश्व में प्रचलित अभ्यास बन चुकी है. कई देशों के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रधानमंत्री भी इसका अभ्यास कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि स्वामी सत्यानंद ने योग निद्रा की खोज की थी और इसे विश्वभर में प्रचारित किया. उन्होंने कहा कि जैसे घर और कमरों की सफाई रोज होती है, उसी तरह मन की सफाई भी प्रतिदिन जरूरी है. हर रात केवल पांच मिनट देकर मन के कचरे को साफ किया जा सकता है. आज लोगों के मन में तनाव, क्रोध और अशांति बढ़ रही है.
मोबाइल फोन का हो सीमित उपयोग
स्वामी जी ने मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि आज अपनत्व से ज्यादा मोबाइल का महत्व हो गया है. परिवार के सदस्य आमने-सामने बात करने के बजाय संदेश भेजना पसंद करते हैं, जो रिश्तों में अशांति पैदा कर रहा है. कार्यक्रम में आइआइटी आइएसएम के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे. रविवार को सुबह सात से नौ बजे तक जिमखाना ग्राउंड में योगाभ्यास और शाम पांच से सात बजे तक पेनमैन हॉल में सत्संग सत्र होगा.
