डीएवी पब्लिक स्कूल बरोरा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, धनबाद के तत्वावधान में शुक्रवार को बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों के बीच चित्रकला और वाद-विवाद प्रतियोगिता कराकर उन्हें बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी गयी.
शिक्षा व स्वास्थ्य पर पड़ता है असर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सुमन पाठक और शैलेंद्र झा ने विद्यार्थियों को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक और व्यक्तिगत नुकसान के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं है, बल्कि यह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यक्तिगत विकास और सम्मानजनक जीवन के अधिकार का गंभीर उल्लंघन है.
उन्होंने कहा कि कम उम्र में विवाह होने से बच्चों के बेहतर भविष्य की राह में बाधा उत्पन्न होती है. बाल विवाह को रोकने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को जागरूक होने की जरूरत है.
विद्यार्थियों से जागरूकता फैलाने की अपील
अधिकारियों ने विद्यार्थियों से बाल विवाह के खिलाफ अपने आसपास के लोगों को जागरूक करने की अपील की. उन्होंने कहा कि बच्चे और युवा सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
कार्यक्रम में अधिकार मित्र गौरव कुमार समेत विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और विद्यार्थी मौजूद थे.
