कैथलैब स्थित सेंट्रल इमरजेंसी पुराने बिल्डिंग में होगी शिफ्ट

कैथलैब बिल्डिंग में आग लगने का खतरा

वरीय संवाददाता, धनबाद,

शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसएनएमएमसीएच) के कैथलैब स्थित सेंट्रल इमरजेंसी फिर से पुराने भवन में शिफ्ट होगी. एसएनएमएमसीएच प्रबंधन इसकी तैयारी में जुट गया है. कैथलैब बिल्डिंग में बनाये गये सेंट्रल इमरजेंसी की वायरिंग कमजोर होने का हवाला देते हुए इसे वापस पुराने भवन में शिफ्ट करने की तैयारी है. एसएनएमएमसीएच प्रबंधन के अनुसार कैथलैब बिल्डिंग की वायरिंग कमजोर है. इस वजह से एयर कंडिशन (एसी) चलने पर आग लगने का खतरा है. सेंट्रल इमरजेंसी की शिफ्टिंग के लिए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सह प्रभारी अधीक्षक डाॅ ज्योति रंजन प्रसाद ने अप्रैल के पहले सप्ताह में सभी एचओडी की बैठक बुलायी है. बैठक में सभी एचओडी की स्वीकृति मिलते ही शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी.

एयर पैक हैं कैथलैब बिल्डिंग, एसी बंद होने पर गर्मी में होगी परेशानी

: बता दें कि एसएनएमएमसीएच परिसर स्थित बनी कैथलैब बिल्डिंग पूरी तरह सेंट्रलाइज एसी युक्त है. इस वजह से पूरी बिल्डिंग को एयर पैक बनाया गया है. इसमें एक भी खिड़की नहीं है. बिल्डिंग में प्रवेश के लिए भी एक आगे और एक पीछे गेट हैं, उससे भी हवा बाहर नहीं जाती है.

पांच माह पूर्व कैथलैब में शिफ्ट हुई थी सेंट्रल इमरजेंसी

: 26 अक्टूबर, 2023 को सेंट्रल इमरजेंसी कैथलैब में शिफ्ट की गयी थी. पुराने इमरजेंसी में मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण इसे पांच माह पूर्व कैथलैब में शिफ्ट किया गया था. उस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया था कि कैथलैब में इमरजेंसी शिफ्ट करने पर बेड की कमी नहीं होगी. मरीजों की संख्या बढ़ने पर उन्हें आसानी से बेड मिल जायेगा.

वर्जन

: कैथलैब बिल्डिंग के अंदर की वायरिंग काफी कमजोर हो चुकी है. यह वायरिंग एसी का लोड नहीं झेल पायेगी. शॉर्ट-सर्किट का खतरा बना रहेगा. इससे आग भी लग सकती है. गर्मी में एसी नहीं चलने के कारण मरीजों को परेशानी होगी. इसे देखते हुए कैथलैब स्थित इमरजेंसी को पुराने भवन में शिफ्ट करने पर विचार चल रहा है.

डॉ

ज्योतिरंजन प्रसाद, प्राचार्य, एसएनएमएमसीएचB

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >