Dhanbad News : ऑपरेशन सिंदूर में घायल बीएसएफ जवान का गोमो स्टेशन पर भव्य स्वागत

Dhanbad News : ऑपरेशन सिंदूर में घायल बीएसएफ जवान का गोमो स्टेशन पर भव्य स्वागत

Dhanbad News : ऑपरेशन सिंदूर के दौरान घायल बीएसएफ जवान स्वस्थ होकर रविवार को गोमो स्थित अपनी ससुराल पहुंचा, तो स्टेसन परिसर में उनका भव्य स्वागत किया गया. जवान राजेश कुमार रविवार की सुबह 13152 डाउन जम्मूतवी-कोलकाता एक्सप्रेस से गोमो पहुंचे. गोमो स्टेशन पर तोपचांची के अंचलाधिकारी डॉ संजय कुमार सिंह, स्टेशन अधीक्षक एसएन झा, तोपचांची इंस्पेक्टर असीम कमल टोपनो, आरपीएफ के सब-इंस्पेक्टर आलोक आनंद, हरिहरपुर थाना प्रभारी राहुल कुमार झा, विधायक प्रतिनिधि जगदीश चौधरी, भाजपा नेता विकास कुमार महतो, मुखिया प्रतिनिधि राजेन्द्र सिंह, कपिल सिंह आदि ने गाजे-बाजे के साथ माला पहना कर उनका स्वागत किया. लोग स्टेशन पर हाथों में तिरंगा लेकर पहुंचे. स्टेशन परिसर भारत माता की जय के नारे से गूंजते रहा. जवान राजेश कुमार तथा उनके पत्नी किरण देवी को अंचलाधिकारी के वाहन से लोको बाजार, नया बाजार के रास्ते कालीपाड़ा स्थित उनकी ससुराल पहुंचाया गया. पत्नी किरण देवी ने अपने पति राजेश कुमार की आरती उतार कर घर में प्रवेश कराया. मौके पर जवान राजेश का साला दीपक कुमार, सूरज कुमार, श्रीकांत मंडल, सोहन महतो, सैंकी गुप्ता, सुनील महतो, सुभाष रवानी, रामचंद्र ठाकुर, खोखन चक्रवर्ती, बीसी मंडल आदि मौजूद थे.

शरीर पर वर्दी चढ़ने के बाद देशभक्ति के अलावा कुछ नहीं सूझता : राजेश कुमार

शरीर पर वर्दी चढ़ने के बाद देशभक्ति के अलावा दूसरा कुछ नहीं सूझता है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत-पाकिस्तान के बीच क्रॉस फायरिंग के समय एक बार भी घर तथा बीवी-बच्चों की याद नहीं आयी. सिर्फ टारगेट था पाकिस्तान. उक्त बातें बीएसएफ बटालियन नंबर 120 के जवान राजेश कुमार ने प्रभात खबर को रविवार को बतायी. उन्होंने बताया कि वह जम्मू कश्मीर के आरएसपुरा में पोस्टेड हैं. उनकी कंपनी को भारत-पाकिस्तान सीमा पर डिप्लॉय कर दिया गया था. बीएसएफ के पास हथियार की कमी नहीं है. भारत तथा पाकिस्तान के बीच 10 मई को क्रॉस फायर शुरू हो गया था. भारत की ओर से पाकिस्तान के सीने पर पहली गोली बीएसएफ जवानों ने ही दागी थी. बीएसएफ जवानों ने पाकिस्तान के कई पोस्ट तबाह कर दिये. उससे बौखला कर पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की. उसी में मैं घायल हो गया. मेरे दोनों हाथों तथा शरीर के कई भागों में कई गोलियां लगी. बावजूद इसके मैंने हिम्मत नहीं हारी. मैंने घायलावस्था में ही ताबड़तोड़ गोलियां चलायी और दुश्मन देश पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देता रहा. मैंने घायल होने की जानकारी कई दिनों बाद अपने घरवालों तथा ससुराल वालों को दी. घायलावस्था में जम्मू स्थित आर्मी के अस्पताल में मुझे भर्ती कराया गया. अस्पताल से 16 दिन के बाद छुट्टी मिली. बीएसएफ ने पाकिस्तान के 41 पोस्ट को तबाह कर दिया. पाकिस्तान के बहुत ज्यादा जवान मारे गये. पाकिस्तान की तरफ बॉर्डर पर केवल एम्बुलेंस ही एम्बुलेंस दौड़ रहा था. भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन देश पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है. अगर पाकिस्तान समझदार होगा, तो दोबारा भारत की ओर नजर उठाने का जुर्रत नहीं करेगा. अभी भी गोलियों का कुछ अंश मेरे शरीर के अंदर है. इंफेक्शन खत्म होने की दवा दी गयी है. इलाज अभी भी जारी है. राजेश मूलतः बिहार के रोहतास जिले अंतर्गत दिनारा का निवासी है. फिलहाल राजेश की पत्नी किरण देवी अपने दोनों बच्चों के साथ धनबाद में रहती है, गोमो में ससुराल है.

मुझे गर्व है कि मैं फौजी की पत्नी हूं : किरणपत्नी किरण देवी ने बताया कि मुझे गर्व है कि मैं एक फौजी की पत्नी हूं. मेरे पति ने ऑपरेशन सिंदूर में अहम योगदान दिया, इसका मुझे आजीवन फख्र रहेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By NARAYAN CHANDRA MANDAL

NARAYAN CHANDRA MANDAL is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >