धनबाद. त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन-2027 की तैयारियों के बीच जिले में मतदान केंद्रों की प्रारूप सूची को लेकर दावा-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू हो गयी है. बुधवार से 12 सितंबर 2026 तक मतदाता, जनप्रतिनिधि और अन्य संबंधित लोग प्रस्तावित मतदान केंद्रों को लेकर दावा, आपत्ति या सुझाव दर्ज करा सकेंगे. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं किया जायेगा.
जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) सह उपायुक्त आदित्य रंजन ने एक सितंबर को जिले के सभी मतदान केंद्रों की प्रारूप सूची प्रकाशित की थी. संबंधित लोग अपने क्षेत्र के मतदान केंद्र की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेकर यह देख सकते हैं कि प्रस्तावित बूथ मतदाताओं के लिए उपयुक्त स्थान पर है या नहीं.
पंचायत से उपायुक्त कार्यालय तक देख सकेंगे सूची
प्रारूप सूची जिले के सभी ग्राम पंचायत कार्यालय, प्रखंड कार्यालय, अनुमंडल कार्यालय और जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त कार्यालय में उपलब्ध करायी गयी है. संबंधित मतदाता और जनप्रतिनिधि इन कार्यालयों में जाकर अपने क्षेत्र के प्रस्तावित मतदान केंद्र की जानकारी देख सकते हैं.
प्रशासन का उद्देश्य दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के माध्यम से मतदान केंद्रों को मतदाताओं के लिए अधिक सुविधाजनक और सुलभ बनाना है. सूची का अवलोकन करने के बाद यदि किसी व्यक्ति को प्रस्तावित बूथ के स्थान, भवन या पहुंच से संबंधित समस्या नजर आती है, तो वह निर्धारित अवधि के भीतर अपनी आपत्ति या सुझाव दर्ज करा सकता है.
जर्जर भवन की जगह दूसरे भवन का दे सकेंगे सुझाव
दावा-आपत्ति के तहत मतदान केंद्र के भवन में बदलाव का प्रस्ताव दिया जा सकता है. यदि कोई भवन जर्जर, अनुपयुक्त या मतदान के लिए पर्याप्त नहीं है, तो उसके स्थान पर किसी दूसरे उपयुक्त भवन को मतदान केंद्र बनाने का सुझाव दिया जा सकेगा. इसी तरह प्रस्तावित बूथ के स्थान में बदलाव की मांग भी की जा सकती है.
यदि किसी बूथ तक पहुंचने में मतदाताओं को अधिक दूरी तय करनी पड़ती है या वहां जाने के लिए उचित रास्ता उपलब्ध नहीं है, तो इस संबंध में भी आपत्ति दर्ज करायी जा सकती है. किसी एक भवन में अधिक संख्या में बूथ होने से होने वाली परेशानी, विद्यालय या अन्य सरकारी भवन की अनुपयुक्तता तथा भवन में पर्याप्त जगह नहीं होने जैसी समस्याओं को भी दावा-आपत्ति में शामिल किया जा सकेगा.
बुजुर्ग, दिव्यांग और महिला मतदाताओं की सुविधा पर भी दे सकेंगे सुझाव
मतदान केंद्र तय करते समय बुजुर्ग, दिव्यांग और महिला मतदाताओं की सुविधा को लेकर भी सुझाव दिये जा सकते हैं. यदि आसपास कोई दूसरा अधिक सुविधाजनक और नजदीकी भवन उपलब्ध है, तो उसे मतदान केंद्र के रूप में चिह्नित करने का प्रस्ताव भी दिया जा सकेगा.
प्राप्त दावे और आपत्तियों की प्रशासनिक स्तर पर जांच की जायेगी. जांच के बाद आवश्यकता के अनुसार मतदान केंद्रों की प्रारूप सूची में संशोधन किया जायेगा. इसके बाद मतदान केंद्रों की अंतिम सूची तैयार की जायेगी. इसलिए प्रशासन ने संबंधित मतदाताओं, जनप्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर सूची का अवलोकन कर आवश्यक सुझाव या आपत्ति दर्ज कराने की अपील की है.
