झरिया. बीसीसीएल के पूर्वी झरिया क्षेत्र अंतर्गत एकीकृत भौंरा उत्तर-दक्षिण कोलियरी की बंद 37/38 खदान में सोमवार की देर रात हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोल दिया. करीब 15 से 20 की संख्या में पहुंचे अपराधियों ने खदान में ड्यूटी कर रहे आठ कर्मियों को हथियार का भय दिखाकर बंधक बना लिया. इसके बाद अपराधियों ने खदान से करीब 500 फीट कॉपर केबल काटकर लूट लिया.
घटना के बाद भौंरा कुम्हारपट्टी, 12 नंबर, 13 नंबर समेत आसपास के कई मुहल्लों में पिट वाटर की आपूर्ति ठप हो गयी. इससे लोगों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है. लगातार हो रही केबल चोरी की घटनाओं से खदान में रात्रिपाली में ड्यूटी करने वाले कर्मियों में भी दहशत है.
चार घंटे से ज्यादा समय तक खदान में रहे अपराधी
कर्मियों के अनुसार, रात करीब 12.20 बजे अपराधियों ने खदान के गेट का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया. इसके बाद गार्ड मंगल रवानी, नरेश पासी समेत आठ कर्मियों को कब्जे में लेकर हाजिरी घर में बंद कर दिया. अपराधियों ने कर्मियों के मोबाइल फोन भी छीन लिये.
इसके बाद अपराधी खदान के अंदर गये और पांच पिलर से करीब 500 फीट कॉपर केबल काट लिया. केबल को कई टुकड़ों में काटकर अपने साथ ले गये. बताया गया कि अपराधी करीब साढ़े चार घंटे तक खदान परिसर में मौजूद रहे.
कर्मियों को दोबारा हाजिरी घर में किया बंद
बंधक बनाये गये कर्मियों ने बताया कि रात करीब दो बजे अपराधियों ने उन्हें कुछ देर के लिए हाजिरी घर से बाहर निकाला और फिर दोबारा अंदर बंद कर दिया. वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधियों ने हाजिरी घर का दरवाजा खोल दिया. कुछ कर्मियों से छीने गये मोबाइल फोन भी अपराधी वहीं छोड़ गये.
अपराधियों के जाने के बाद कर्मियों ने घटना की जानकारी सुरक्षा गार्ड के इंचार्ज शमशेर आलम को दी. इसके बाद मामले की सूचना कोलियरी प्रबंधन को दी गयी.
पुलिस और CISF की गश्ती पर उठे सवाल
कर्मियों का आरोप है कि भौंरा ओपी और CISF कंट्रोल रूम खदान से कुछ ही दूरी पर स्थित हैं. इसके बावजूद रात में पुलिस और CISF की पेट्रोलिंग पार्टी खदान परिसर तक नहीं पहुंचती. लगातार हो रही केबल चोरी की घटनाओं के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है.
कर्मियों ने बताया कि बार-बार होने वाली घटनाओं के कारण अब रात में ड्यूटी करने में भय लगता है. उन्होंने खदान की सुरक्षा के लिए CISF की पर्याप्त तैनाती की मांग की है.
कई मुहल्लों में पिट वाटर की आपूर्ति ठप
केबल कटने का सीधा असर पिट वाटर की आपूर्ति पर पड़ा है. भौंरा कुम्हारपट्टी, 12 नंबर, 13 नंबर समेत आसपास के कई मुहल्लों में पानी की आपूर्ति बाधित हो गयी. स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार केबल चोरी होने के बाद पिट वाटर की व्यवस्था प्रभावित होती है और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है.
प्रबंधन ने लूटे गये केबल की कीमत तीन लाख रुपये से अधिक आंकी है. कोलियरी मैनेजर अमित कुमार की ओर से मंगलवार को भौंरा ओपी में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी गयी. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
इंटक नेता ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
घटना की जानकारी मिलने पर इंटक नेता कालीचरण यादव खदान पहुंचे और कर्मियों से घटना की जानकारी ली. उन्होंने भौंरा ओपी प्रभारी और जीएम से फोन पर बात कर लगातार हो रही केबल चोरी पर रोक लगाने और खदान में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने का आग्रह किया.
उन्होंने कहा कि केबल चोरी की घटनाओं का असर सीधे भौंरा क्षेत्र के लोगों पर पड़ता है. केबल कटने से कई मुहल्लों में पिट वाटर की आपूर्ति बाधित हो जाती है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ती है.
पहले भी कई बार हो चुकी है चोरी
37/38 खदान लंबे समय से अपराधियों के निशाने पर रही है. इससे पहले भी यहां कई बार केबल चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं. उपलब्ध जानकारी के अनुसार 11 मई 2025, 13 अगस्त 2025, 10 सितंबर 2025, 8 अक्तूबर 2025, 21 नवंबर 2025, 5 दिसंबर 2025 और 24 दिसंबर 2025 को भी अपराधियों ने खदान में धावा बोलकर केबल लूटा था.
वहीं, बीते अगस्त माह में ही खदान में लगातार चार बार केबल चोरी की घटनाएं हुईं और करीब दो हजार फीट केबल काटे जाने की बात सामने आयी. लगातार वारदात के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होने से कर्मियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है.
