सेबी के लिस्टिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसइ) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसइ) ने बीसीसीएल पर कुल 15.28 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. दोनों एक्सचेंजों ने 7.64 लाख-7.64 लाख रुपये का दंड निर्धारित किया है. बीसीसीएल ने गुरुवार को शेयर बाजारों को दी गयी सूचना में बताया कि कंपनी के बोर्ड में आवश्यक संख्या में स्वतंत्र निदेशकों (इंडिपेंडेंट डायरेक्टर) तथा एक महिला स्वतंत्र निदेशक की नियुक्ति नहीं होने के कारण यह कार्रवाई की गयी है.
बोर्ड की संरचना मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य
सेबी के लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (एलओडीआर) नियमों के अनुसार, सूचीबद्ध कंपनियों के बोर्ड की संरचना निर्धारित मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य है. एनएसइ के नोटिस के मुताबिक, 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के दौरान बीसीसीएल 72 दिनों तक नियामकीय प्रावधानों का अनुपालन नहीं कर सकी. इसके चलते रेगुलेशन 17(1), 18(1) तथा 19(1)/19(2) के तहत अलग-अलग दरों से जुर्माना लगाया गया. जीएसटी सहित कुल दंड राशि 7,64,640 रुपये तय की गयी है. बीएसइ ने भी समान राशि का जुर्माना लगाया है. इधर, बीसीसीएल ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि वह केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली कंपनी है और स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति भारत सरकार की स्वीकृति से होती है. ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया कंपनी के प्रत्यक्ष नियंत्रण में नहीं है. कंपनी का कहना है कि सूचीबद्ध कंपनी बनने के बाद से वह इस मुद्दे को लगातार कोयला मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाती रही है. कंपनी ने बीएसइ और एनएसइ से जुर्माना माफ करने का अनुरोध किया है. हालांकि, एनएसइ ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि नियामकीय प्रावधानों का अनुपालन नहीं किया गया तो जुर्माने की राशि आगे भी बढ़ सकती है.
