नक्सलवाद की तरह खत्म होगी कोयला चोरी, दिसंबर में आ सकता है आईपीओ, बोले बीसीसीएल के सीएमडी

BCCL CMD Dhanbad: बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि नक्सलवाद की तरह खत्म कोयला चोरी को भी खत्म किया जायेगा. उन्होंने कहा कि बीसीसीएल में लापरवाह अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किाय जायेगा. दिसंबर में बीसीसीएल का आईपीओ आ सकता है. मनोज अग्रवाल प्रभात खबर के दफ्तर में प्रभात खबर संवाद में पत्रकारों के सवालों के जवाब दे रहे थे. श्रम कानून और अन्य मुद्दों पर भी उन्होंने बात की.

BCCL CMD Dhanbad: नक्सलवाद की तरह कोयला चोरी का भी खात्मा होगा. भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) का आईपीओ दिसंबर में आ सकता है. यह कहना है कि बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल का. वह प्रभात बर के धनबाद कार्यालय में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे. प्रभात खबर संवाद में बीसीसीएल के सीएमडी ने कोयला उद्योग के भविष्य से लेकर नये श्रम कानून एवं झरिया मास्टर प्लान के क्रियान्वयन के सवालों का खुलकर जवाब दिया.

बीसीसीएल का भविष्य उज्जवल – मनोज अग्रवाल

सीएमडी ने कहा कि बीसीसीएल का भविष्य उज्जवल है. देश में कोकिंग कोल की मांग आने वाले दिनों में घटने की बजाय बढ़ने वाली है. भारत में सबसे ज्यादा कोकिंग कोल का स्टॉक बीसीसीएल के पास है. इस्पात उद्योग के लिए कोकिंग कोल की सबसे ज्यादा जरूरत है. कंपनी कोयले के इतर सीबीएम और सोलर प्लांट जैसे डायवर्सिफिकेशन प्रोजेक्ट पर भी तेजी काम कर रही है. जल्द ही सीबीएम का उत्पादन शुरू होने की संभावना है.

मजदूर विरोधी नहीं है श्रम कानून – बीसीसीएल सीएमडी

मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि नये श्रम कानून से मजदूरों को लाभ होगा. यह कहीं से भी मजदूर विरोधी नहीं है. इससे जेंडर भेद समाप्त हुआ है. सबको काम का बराबर मौका मिलेगा. आने वाले समय में कोयला चोरी समाप्त होगी. नक्सलवाद की तरह इसका भी अंत होगा. झरिया के अग्नि एवं भू-धंसान प्रभावितों के लिए मंजूर रिवाइज्ड मास्टर प्लान का हर हाल में क्रियान्वनय होगा. जून 2028 तक तय समय-सीमा में सभी कार्य होंगे.

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BCCL CMD Dhanbad: 4 नये श्रम कानून से होगा लाभ

कोयला उद्योग में नये श्रम कानूनों के विरोध के सवाल पर कहा कि नये श्रम कानून से किसी को चिंतित होने की जरूरत नहीं है. यह मजूदरों के हित में है. सरल भाषा में कहें कि पहले जहां मजदूरों के लिए 29 कानून थे. अब सिर्फ 4 रह गये हैं. अब महिलाएं भी कोयला उद्योग में 24 घंटे काम कर सकती हैं. पहले महिलाओं को रात में ड्यूटी नहीं दी जाती थी. काम का घंटा भी तय हो गया है. ठेका मजदूरों को भी न्यूनतम मजदूरी मिलेगी. साथ ही मेडिकल सुविधाएं एवं बीमा का लाभ मिलेगा.

कोढ़ है कोयला चोरी, चंद लोगों को ही लाभ – अग्रवाल

कोयला चोरी की चुनौती पर उन्होंने कहा कि कोयला चोरी जल्द ही समाप्त होगी. नक्सलवाद की तरह इसका भी अंत होगा. कोयला चोरी कोढ़ है. इससे चंद लोगों को ही लाभ होता है. कोयला चोरी में लगे लोग बहुत कठिन श्रम करते हैं. उन्हें कई तरह की समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है.

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By Mithilesh Jha

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