Dhanbad News: शराब की दुकानों व डिपो में पड़ा है हजारों पेटी पुराना स्टॉक, जांच कमेटी का गठन

पुराने स्टॉक होने के बाद भी 2025-26 में 2,42,979.00 कार्टन का लगाया गया नया ऑर्डर

धनबाद जिले की खुदरा शराब दुकानों व जेएसबीसीएल के डिपो में भारी मात्रा में शराब का स्टॉक लंबे समय से पड़ा रहने, उसका रख-रखाव नहीं होने, बिक्री योग्य व बिक्री अयोग्य स्टॉक का वर्गीकरण नहीं होने तथा रिपैकिंग कर वापस नहीं कराने की बात सामने आयी है. इसे लेकर उत्पाद आयुक्त के निर्देश पर उपायुक्त आदित्य रंजन ने उच्च स्तरीय जांच दल गठित की है. कमेटी के अध्यक्ष अपर समाहर्ता, धनबाद को बनाया गया है. वहीं निरीक्षक उत्पाद, सदर प्रक्षेत्र, निरीक्षक उत्पाद झरिया/कतरास प्रक्षेत्र और डिपो प्रबंधक, जेएसबीसीएल धनबाद को सदस्य बनाया गया है. टीम को धनबाद जिले में संचालित खुदरा उत्पाद दुकानों में पड़े व डिपो में वापस किये गये स्टॉक का सत्यापन कर जांच प्रतिवेदन मंतव्य समेत शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.

मुख्यालय की रिपोर्ट में उजागर हुई लापरवाही

आयुक्त उत्पाद सह प्रबंध निदेशक झारखंड राज्य बिवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) रांची की टीम ने दिसंबर 2025 में जिला उत्पाद कार्यालय, जेएसबीसीएल गोदाम समेत कुछ दुकानों का निरीक्षण कराया था. निरीक्षण प्रतिवेदन में स्टॉक के रख-रखाव व निस्तारण में गंभीर लापरवाही का उल्लेख है. इसमें पाया गया था कि दुकानों में 33,163 पेटी व 28,544 बोतल और डिपो में वापस हुए 23,535 पेटी व 20,023 बोतल शराब का स्टॉक है. वहीं डिपो में स्टॉक जीर्ण-शीर्ण अवस्था में रखा गया है और बिक्री योग्य, नहीं बिक्री योग्य तथा विनष्टीकरण योग्य स्कंधों का वर्गीकरण व रिपैकिंग कर वापस कराने का प्रयास नहीं किया गया.

नयी उत्पाद नीति संभावित होने के बावजूद स्टॉक प्रबंधन नहीं

जांच दल ने बताया कि वर्ष 2025 में नयी उत्पाद नीति को देखते हुए स्टॉक की मॉनिटरिंग व निष्पादन के लिए मुख्यालय स्तर से कई पत्र जारी किये गये थे. इनमें इंटरशॉप ट्रांसफर, खुदरा दुकानों में पॉपुलर ब्रांड की इंडेंटिंग, दुकानों के स्टॉक को इंटरशॉप ट्रांसफर करने व अल्पकालीन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लगाने से संबंधित निर्देश शामिल थे. बावजूद वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,42,979.00 कार्टन का ऑर्डर लगाया गया, ऐसे में पुरानी व्यवस्था के तहत बची शराब के स्टॉक का निस्तारण अबतक नहीं हो सका. जांच दल ने तीन दुकानों के स्टॉक को देखने के बाद प्रतिवेदित किया कि निगम के निर्देशों का सहायक आयुक्त उत्पाद, धनबाद ने उल्लंघन किया है. शेष बची शराब का स्टॉक बिक्री योग्य है, लेकिन उसका रख-रखाव ठीक से नहीं हुआ है.

खराब डीप फ्रीजर व अन्य उपस्करों की भी नहीं हुई नीलामी

दुकानों के निरीक्षण के दौरान पाया गया था कि दुकानों में अब भी डीप फ्रीजर व अन्य उपस्कर खराब अवस्था में पड़े हैं. इनकी नीलामी आदि का कोई प्रयास नहीं किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया कि यदि 2022 के स्कंध पर्याप्त उपलब्ध थे, तो सबसे पहले उसकी बिक्री होनी चाहिए थी. लेकिन 2022 के स्कंध की आपूर्ति खुदरा उत्पाद दुकानों में नहीं की गयी. इससे प्रतीत होता है कि जिला के उत्पाद पदाधिकारियों ने जानबूझकर 2022 के स्टॉक को बेचने की कोशिश नहीं की.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: ASHOK KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >