dhanbad news: बाबूजान हत्याकांड आरोपी को उम्रकैद

गोविंदपुर बरमसिया निवासी बाबूजान मुर्मू की हत्या मामले में धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने सोमवार को नामजद आरोपी गोविंदपुर बरमिया निवासी लखींदर सोरेन को उम्रकैद एवं दस हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनायी.

14 नवंबर 2025 को अदालत ने उसे दोषी करार दिया था.अभियोजन का संचालन अपर लोक अभियोजक सत्येंद्र कुमार राय ने किया. मृतक के भाई सुनील मुर्मू ने आठ नवंबर 2024 को गोविंदपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसके मुताबिक सात नवंबर 2024 के शाम करीब आठ बजे बाबूजान शराब पीकर बाड़ु सोरन के घर पहुंचा तो वहां लखींदर सोरेन भी आया. किसी बात पर उसने बाबूजान को हत्या की धमकी दी. बाद में रात के 10 बजे बाबूजान का शव उसके घर की चहारदीवारी के बाहर मिला.

वृद्धजन बोझ नहीं, हमारे अनुभव के स्तंभ हैं : न्यायाधीश

धनबाद . वृद्धजन समाज की धरोहर हैं. उनका सम्मान तथा देखभाल करना हम सबकी जिम्मेदारी है. माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 इसी उद्देश्य से बनाया गया है. उक्त बातें सोमवार को सिविल कोर्ट धनबाद में वृद्धजनों के लिए आयोजित जागरूकता शिविर में अवर न्यायाधीश सह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार मयंक तुषार टोपनो ने कही. उन्होंने विधि स्वयंसेवकों को कहा कि हम यह सुनिश्चित करें कि कोई भी अनपढ़ या असहाय बुजुर्ग अपने अधिकारों से वंचित न रहे और उन्हें समय पर न्याय तथा आर्थिक सहायता मिल सके. मौके पर 16 वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धा पेंशन मुहैया कराया गया. कार्यक्रम में लीगल एंड डिफेंस काउंसिल सिस्टम धनबाद के चीफ कुमार विमलेंदु, डिप्टी चीफ अजय कुमार भट्ट, नीरज कुमार गोयल, सुमन पाठक शैलेंद्र झा, कन्हैयालाल ठाकुर, मुस्कान चोपड़ा, स्वाति कुमारी आदि थे.

तीन तलाक मामले में शमशाद की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की

धनबाद. भूली थाना क्षेत्र के अंसारी मंजिल बाई पास रोड पांडरपाला निवासी मो. शमशाद अंसारी को तीन तलाक मामले में झारखंड हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली. उनकी ओर से दायर आपराधिक विविध याचिका पर सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की खंडपीठ में हुई. सुनवाई के दौरान बार-बार कॉल करने पर भी उनके अधिवक्ता बहस करने अदालत में उपस्थित नहीं हुए. जबकि सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक गौतम राकेश ने अपना पक्ष रखा. विपक्षी नंबर टू शबनम परवीन के अधिवक्ता लुकेश कुमार ने भी बहस की. अदालत ने दलीलें सुनने के बाद आपराधिक विविध याचिका को खारिज कर दी.

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By Ashok kumar

आशीष कुमार प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अनुसंधान, राजनीति, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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