धनबाद थाना क्षेत्र के बारामुड़ी खटाल के पास अमर नैना अपार्टमेंट निवासी रिकवरी एजेंट अमित मित्तल की हत्या मामले में पुलिस ने सूर्या हाईलैंड सिटी निवासी विकास खंडेलवाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कैंची, गड़ासा, खून से सना कपड़ा, मृतक का मोबाइल फोन और उसकी बाइक बरामद की है. यह जानकारी डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) नौशाद आलम ने सोमवार को धनबाद थाना में प्रेस वार्ता कर दी. मौके पर धनबाद थाना प्रभारी मनोज कुमार पांडेय सहित एसआइ राजेश कुमार, अभिषेक तिवारी, विवेकानंद श्रीवास्तव, बालमुकुंद सिंह, धीरज कुमार आदि उपस्थित थे.
लोन सेटलमेंट के विवाद में गयी जान
पुलिस के अनुसार विकास खंडेलवाल पहले से ही अमित मित्तल की हत्या की योजना बना चुका था. विकास पर लोन सेटलमेंट को लेकर अमित लगातार फोन कर रुपये मांग रहा था. इससे वह मानसिक रूप से परेशान था. तंग आकर शनिवार को विकास ने अमित का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी.
थाना में शिकायत से पहले ही कर दी हत्या
पुलिस ने बताया कि शनिवार को अमित मित्तल सुबह करीब 10 बजे अपने घर से निकला था. इसके बाद वह विकास के संपर्क में आया, जिसने उसे अपने घर बुलाया. वहां पहुंचने पर विकास ने अमित को सोफा पर बैठाया और अचानक पीछे से उसकी गर्दन पर कैंची से हमला कर दिया. बाहर आवाज न जाये, इसके लिए तेज आवाज में गाना चला दिया. इसके बाद गंभीर रूप से घायल होने अमित के हाथ-पैर बांधकर उसकी निर्ममता से हत्या कर दी. विकास ने शव को किचन में ले जाकर फ्रिज के बगल में रख दिया. जबकि अपराह्न चार बजे विकास ने अमित के मोबाइल से उसकी पत्नी संगीता देवी को फोन कर 15 लाख रुपये फिरौती मांगी थी. जिसके बाद संगीता देवी ने रात में थाना पहुंच कर प्राथमिकी दर्ज करायी.
पूरी रात शव के साथ घर में रहा आरोपी
पूछताछ में विकास ने पुलिस को बताया कि उसने दोपहर करीब 12 बजे ही अमित की हत्या कर दी थी. हत्या के बाद वह पूरी रात उसी घर में मौजूद रहा. घटना को अंजाम देने से पहले ही उसने अपनी पत्नी को मायके भेज दिया था. अगली सुबह वह अमित को फोन ढांगी मोड़ के पास फेंक आया.
पारिवारिक तनाव व आर्थिक परेशानी में था विकास
पुलिस के अनुसार विकास ने प्रेम विवाह किया था. दोनों का एक चार वर्षीय बच्चा है. विकास के अपने परिवार के अन्य सदस्यों से संबंध अच्छे नहीं थे. लोन एनपीए होने से वह आर्थिक तनाव से भी गुजर रहा था.