बीसीसीएल के इजे एरिया स्थित भौंरा साउथ कोलियरी में संचालित आउटसोर्सिंग देवप्रभा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को साल 2022 में कथित रूप से 165.97 करोड़ रु से अधिक के भुगतान मामले में सीवीसी ने जांच के बाद पूर्व सीएमडी समीरन दत्ता समेत आठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है. कोयला मंत्रालय ने सीवीसी के प्रथम चरण की सलाह के आधार पर कुछ तत्कालीन बोर्ड स्तर के अधिकारियों को केवल चेतावनी जारी कर मामला समाप्त कर दिया है.
अनुबंध में सीमा से अधिक विचलन को मंजूरी
सीवीसी के 13 जुलाई 2026 के ज्ञापन के अनुसार मामले की जांच में अनुबंध में सीमा से अधिक विचलन (डेविएशन) को मंजूरी देने का मामला सामने आया. इसके अनुसार, बीसीसीएल की कार्यात्मक निदेशक समिति (सीएफडी) ने अनुबंध में दो संशोधनों को मंजूरी दी. इससे अनुबंध मूल्य करीब 59.60 प्रतिशत बढ़ गया, जबकि अनुबंध की शर्तों में डेविएशन 10 से 15 प्रतिशत तक ही स्वीकार्य था. सीवीसी ने बीसीसीएल के तत्कालीन सीएमडी समीरन दत्ता, तत्कालीन निदेशक (वित्त) राकेश कुमार सहाय और डीटी शंकर नागाचारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई से पहले प्रथम चरण की सतर्कता सलाह (एसएसए) लेने की अनुशंसा की है. वहीं निदेशक (तकनीकी ऑपरेशन) संजय कुमार सिंह, तत्कालीन डीटी सह वर्तमान एमसीएल सीएमडी उदय अनंत कावले, तत्कालीन डीपी हर्ष नाथ मिश्रा और डीपी मुरली कृष्ण रमैया के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की सलाह दी थी.
मंत्रालय से चार अधिकारियों को राहत
कोयला मंत्रालय ने सीवीसी के प्रथम चरण की सलाह के आधार पर तत्कालीन डीपी मुरली कृष्ण रमैया, डीटी (ऑपरेशन) संजय कुमार सिंह, डीटी उदय अनंत कावले और तत्कालीन डीपी हर्षनाथ मिश्रा को केवल भविष्य में अधिक सतर्क रहने की चेतावनी दी है. मंत्रालय के अनुसार, संबंधित अधिकारी परियोजना के क्रियान्वयन में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे.
