Dhanbad News : प्रतिनिधि, बस्ताकोला.
24 जनवरी को विश्वकर्मा परियोजना में कोयला चोरों ने दो बीसीसीएल कर्मचारियों पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था. मामले में धनसार पुलिस ने 26 जनवरी को कार्रवाई करते हुए एक दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया. पूछताछ के बाद सात को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. इस गिरफ्तारी से नाराज असंगठित मजदूरों ने बुधवार को जश्रसं के बैनर तले विश्वकर्मा परियोजना का ट्रांसपोर्टिंग और ट्रक लोडिंग कार्य पूरी तरह ठप कर दिया. साथ ही प्रदर्शन करते हुए धनसार पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की. मजदूरों का आरोप है कि पुलिस ने निर्दोष विशाल रजवार को झूठे मामले में फंसा कर जेल भेज दिया है. प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे देशराज चौहान ने बताया कि विशाल रजवार विश्वकर्मा परियोजना में ट्रक लोडिंग का काम करता है. घटना के दिन वह लोडिंग के लिए वहां पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने उसे गलत तरीके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. मजदूरों का दावा है कि उन्होंने पुलिस को इसकी जानकारी दी थी, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई. वहीं नेत्री सुमन हांसदा ने कहा कि यदि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जाए तो साफ दिखेगा कि विशाल निहत्थे लोडिंग प्वाइंट पर खड़े थे. मजदूरों ने कहा कि जब तक थाना प्रभारी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं होती है, तब तक ट्रांसपोर्टिंग कार्य तब तक बंद रहेगा. मौके पर मनोज पासवान, मुनिया देवी, रिंकू देवी, संतोष भुइयां, चौधरी भुइयां, अशोक, रंजीत सहित अन्य मजदूर मौजूद थे. कोटघटनास्थल पर लगे सीसीटीवी के फुटेज के आधार पर पकड़ा गया है. इसमें दोषी पाये जाने वाले को जेल भेजा गया है.
