कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गिरोह के खिलाफ सोमवार तड़के पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की. मुठभेड़ के बाद उसके छह गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया. धनबाद और रांची पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भागाबांध ओपी क्षेत्र की केंदुआडीह बस्ती के पास पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें गिरोह के तीन सदस्य घायल हो गये. इनमें पलामू निवासी अमन सिंह उर्फ कुबेर और केंदुआडीह निवासी विक्की डोम के पैर में गोली लगी है, जबकि वासेपुर निवासी अफजल उर्फ अमन भागने के दौरान गिरने से घायल हो गया. तीनों को हिरासत में लेकर इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया है. तीन अन्य अपराधियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, रांची एयरपोर्ट इलाके में स्थित टीटोस फैमली रेस्टोरेंट में सात मार्च को ताबड़तोड़ फायरिंग व वेटर की हत्या के मामले में रांची पुलिस ने जांच के दौरान अपराधी अमन सिंह को उठाया. उसने पूछताछ में अन्य अपराधियों की संलिप्तता के बारे में जानकारी दी. रांची पुलिस अमन को लेकर रविवार को धनबाद पहुंची. यहां बैंकमोड़ पुलिस के सहयोग से वासेपुर से अफजल उर्फ अमन को उठाया. दोनों को आमने-सामने बैठाकर थाने में पूछताछ की गयी. अफजल ने विक्की डोम और अन्य अपराधियों के बारे में बताया. पुलिस टीम दोनों को लेकर केंदुआडीह बस्ती पहुंची. इसी दौरान दोनों चिल्लाते हुए पुलिस वाहन से कूदकर भागने लगे. उनको चिल्लाते देख अपराधियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी. अपराधियों की चलायी गयी गोली अमन सिंह को जा लगी. इधर, पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. पुलिस की गोली से विक्की डोम घायल हो गया. सभी अपराधी पिछले महीने बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के वासेपुर में फहीम खान के पुत्र इकबाल के ड्राइवर पर फायरिंग करने, साजिश रचने व शूटर मुहैया कराने में भी शामिल थे.
जिला बदर रह चुका है विक्की डोम
बताया जाता है कि अपराधियों ने पुलिस पर चार राउंड गोलियां चलायीं, जिनमें से दो गोलियां बोर्रागढ़ ओपी पुलिस के वाहन में लगीं. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी कई चक्र गोलियां चलायीं. जानकारी के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान छह अपराधी मौजूद थे. पुलिस के अनुसार, विक्की डोम पूर्व में जिला बदर रह चुका है. अफजल वासेपुर के गैंगस्टर फहीम खान के साला टुन्ना खान का बेटा है.
रांची रेस्टोरेंट फायरिंग मामले में शामिल थे सभी
धनबाद पुलिस ने बताया कि रांची के रेस्टोरेंट गोलीबारी मामले में इन अपराधियों की संलिप्तता सामने आयी थी. दो बाइक पर सवार होकर आये छह अपराधियों ने इस घटना को अंजाम दिया था. मुठभेड़ के दौरान तीन अपराधी मौके से भागने में सफल रहे थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने दबोच लिया. बाद में घटनास्थल की तलाशी के दौरान पांच जिंदा बम, दो पिस्तौल, दो लोडेड मैगजीन, पांच खोखा, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किये गये. बरामद विस्फोटकों को निष्क्रिय करने के लिए बम निरोधक दस्ता को बुलाया गया. वहीं, रांची से आयी फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने मौके से साक्ष्य भी एकत्र किये हैं.
आठ दिनों में मुठभेड़ की दूसरी घटना
गौरतलब है कि इससे पहले आठ मार्च को भूईंफोड़ मंदिर के पास प्रिंस खान गिरोह के गुर्गों से पुलिस की मुठभेड़ हो गयी थी. इसमें सुदीश कुमार ओझा के पैर में गोली लगी थी. इस दौरान दिलीप सिंह भी गिरफ्तार किया गया था.
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि प्रिंस खान गिरोह के दो अपराधियों को गोली लगी है. सभी अपराधी प्रिंस खान गिरोह के सदस्य हैं, जो रांची के एक होटल व पिछले महीने बैंक मोड़ थाना क्षेत्र के वासेपुर में फहीम खान के पुत्र इकबाल के ड्राइवर पर गोली चलाने, साजिश रचने व शूटर मुहैया कराने में शामिल थे.–
