धनबाद : सेंडर : मेरे फ्लैट में प्रवेश करने वाले ….. (तीन लोगों के नाम) और गुंडों को सबक सिखाऊंगा. मैं उसका नाम भूल चुका हूं.
जयशंकर और रंजय::: बहुत जल्द उन्हें अपना अंजाम (फेट) मिल जायेगा. बहुत जल्द.
रिसीवर : उसका नाम रंजय सिंह है, याद कर लो.
सेंडर : मैं खाली नहीं बैठा हूं. रंजय को जिंदा उठाऊंगा…उसकी हैसियत उसके साथ ही चलता है. वाटर बोर्ड कॉलोनी में रहता है. दो भाई है दोनों सिंह मैंशन में रहता है. उसका बाप नौकरी करता है…
रंजय ने एक ड्राइवर की हत्या की है और जल्द ही उसका भी वही अंजाम होगा.
उसके बाद उसका केस देखनेवाला भी नहीं रहेगा.
रिसीवर : गुड इंक्वायरी
सेंडर : रुको
रिसीवर : हम रुके हुए हैं तुम दौड़ो…
वाट्स ऐप पर हुई बातचीत का यह ब्योरा (स्क्रीन शॉट) एसएसपी, एसपी व सरायढेला थाना को एक पत्र के साथ कुमुद कंचन ने भेजा है. दावा किया गया है कि सेंडर उसका पति सियाराम सिंह और रसीवर वह खुद (कुमुद) है. बातचीत की तारीख नहीं है, लेकिन तब रंजय सिंह जीवित था. पढ़कर इसका पता चलता है. पुलिस इस पत्र और बातचीत का ब्योरा मिलते ही रंजय सिंह हत्याकांड की जांच में नये सिरे से जुट गयी है. सियाराम सिंह की तलाश की जा रही है.
दहेज प्रताड़ना मामले में वाट्स ऐप पर दंपती की हुई बातचीत का ब्योरा पुलिस को
प्रभात खबर को हाथ लगा वाट्स ऐप का स्क्रीन शॉट
दहेज प्रताड़ना को लेकर चल रहा है विवाद
सियाराम सिंह औरंगाबाद जिले के कसमा थाना के सारावक गांव का रहने वाला है. उसकी शादी 28.01. 2007 में सरायढेला रघुनाथ नगर निवासी कुमुद कंचन से हुई है. लंबे समय से दहेज प्रताड़ना का मामला चल रहा है. पत्नी का आरोप है ���ि हाल में पति ने सरायढेला में घेरकर मारपीट व दुर्व्यवहार किया. पति मोबाइल से वाट्स ऐप पर मैसेज कर गंदी-गंदी गाली व धमकी देता है. महिला ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है. व्हाटस एेप मैसेज में उस रंजय की चर्चा है जिसकी गोली मारकर 29 जनवरी को हत्या कर दी गयी है. जांच में ही सच्चाई का पता चल पायेगा.
