धनबाद. जिले में वायरल संक्रमण की चपेट में बच्चों के आने के मामले बढ़ रहे हैं. एसएनएमएमसीएच के पेडियाट्रिक विभाग की ओपीडी में इन दिनों इलाज के लिए पहुंचने वाले बच्चों में अधिकांश में वायरल संक्रमण जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं. विभाग के अनुसार, हाल के दिनों में ओपीडी पहुंचने वाले हर 100 बच्चों में करीब 95 बच्चे बुखार, सर्दी-खांसी, गले में परेशानी, बदन दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं.
मरीजों की बढ़ती संख्या से पेडियाट्रिक ओपीडी पर दबाव बढ़ा है. चिकित्सकों के अनुसार, कई बच्चों में बीमारी से ठीक होने के कुछ दिनों बाद दोबारा बुखार या अन्य लक्षण सामने आ रहे हैं. ऐसे में अभिभावक बच्चे को दोबारा अस्पताल लेकर पहुंच रहे हैं.
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फ्लू जैसे लक्षण वाले बच्चे अधिक
पेडियाट्रिशियन के अनुसार, ओपीडी में आने वाले अधिकांश बच्चों में फ्लू जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं. तेज बुखार के अलावा सर्दी, खांसी, गले में दर्द, सिर और शरीर में दर्द तथा कमजोरी प्रमुख शिकायतें हैं. कुछ बच्चे बुखार और कमजोरी के कारण खाना-पीना भी कम कर रहे हैं.
चिकित्सकों के अनुसार, मौसम में बदलाव और बच्चों का स्कूल या अन्य स्थानों पर एक-दूसरे के संपर्क में रहना संक्रमण फैलने का एक कारण हो सकता है. बीमारी से ठीक होने के बाद भी कुछ दिनों तक बच्चों की गतिविधियों और स्वास्थ्य पर नजर रखना जरूरी है.
ठीक होने के बाद भी बरतें सावधानी
चिकित्सकों का कहना है कि बुखार उतरने के बाद बच्चे को तुरंत सामान्य दिनचर्या में नहीं डालना चाहिए. पर्याप्त आराम, तरल पदार्थ और पौष्टिक भोजन देना जरूरी है. घर में किसी सदस्य को सर्दी-खांसी या फ्लू जैसे लक्षण हों, तो बच्चे को उसके सीधे संपर्क से बचाने की कोशिश करनी चाहिए. बीमारी की स्थिति में बच्चे को स्कूल नहीं भेजने की सलाह दी गयी है.
साफ-सफाई और पर्याप्त तरल पदार्थ जरूरी
पेडियाट्रिशियन डॉ अनन्या घोष ने बताया कि वायरल संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए. बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ दें. भोजन में पौष्टिक चीजों को शामिल करें और उन्हें पर्याप्त आराम दें.
उन्होंने अभिभावकों को बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं देने से बचने की सलाह दी. उनके अनुसार, बच्चे को तेज बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, लगातार उल्टी, अत्यधिक कमजोरी, असामान्य सुस्ती या शरीर में पानी की कमी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.
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