28 लाख की आबादी में मात्र 50 ममता वाहन

धनबाद. स्वास्थ्य विभाग की महत्वाकांक्षी योजना ‘ममता वाहन’ का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है. आलम यह है कि 28 लाख की आबादी में मात्र 50 ममता वाहन ही चल रहे हैं. सबसे खराब स्थिति गोविंदपुर की है. यहां छह में से पांच ममता वाहन नन फंक्शनल है. वहीं धनबाद सदर में लगभग छह […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | August 19, 2016 7:59 AM
धनबाद. स्वास्थ्य विभाग की महत्वाकांक्षी योजना ‘ममता वाहन’ का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है. आलम यह है कि 28 लाख की आबादी में मात्र 50 ममता वाहन ही चल रहे हैं. सबसे खराब स्थिति गोविंदपुर की है. यहां छह में से पांच ममता वाहन नन फंक्शनल है. वहीं धनबाद सदर में लगभग छह लाख की आबादी में तीन ममता वाहन ही चल रहे हैं. बता दें कि धनबाद में ममता वाहन की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार ने कड़े निर्देश दिये हैं. इसके बावजूद संख्या नहीं बढ़ रही है.
जानें योजना को : जननी सुरक्षा योजना के तहत गर्भवती माता को घर से अस्पताल व अस्पताल से घर तक ममता वाहन से नि:शुल्क सेवा देना है. वहीं जन्म के एक वर्ष तक के बच्चे को भी घर से अस्पताल व अस्पताल से घर नि:शुल्क सेवा देनी है. लेकिन जिले में कम वाहन होने के कारण इसका लाभ लाभुकों को नहीं मिलता है. हर जिले में ममता वाहन सेंटर बनाया गया है. इसके लिए टोल फ्री नंबर भी जारी है.
ममता वाहन संचालकों में भी नाराजगी : 24 मई 2016 को सरकार की ओर से ममता वाहन के संचालन के लिए नौ रुपये प्रति किलोमीटर और 300 रुपया की दर तय की गयी है. नयी दर में यह बताया गया है कि जब तक मरीज ममता वाहन पर रहेगा, तब तक का ही पैसा दिया जायेगा. मतलब अस्पताल से लौटने के दौरान कोई पैसा नहीं दिया जायेगा. जबकि पहले पैसा मिलता था.
योजनाओं का लाभ लोगों को मिल रहा है. हर दिन लोगों के कॉल आते हैं. उन्हें सेवा दी जाती है. हालांकि वाहनों की संख्या और बढ़ायी जायेगी.
डॉ चंद्रांबिका श्रीवास्तव, सीएस.