बार-बार बयान बदल रहा है कन्हैया

भागलपुर : घंटा घर ग्रामीण बैंक से 49 लाख लूट के आरोपी कन्हैया पुलिस रिमांड में बार-बार बयान बदल रहा है. यही कारण है कि पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच रही है. सोमवार को पुलिस ने कन्हैया से पूछताछ की है. अनुसंधान प्रभावित नहीं हो इसलिए मीडिया को भी पूछताछ के ब्योरे की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 22, 2015 4:11 AM

भागलपुर : घंटा घर ग्रामीण बैंक से 49 लाख लूट के आरोपी कन्हैया पुलिस रिमांड में बार-बार बयान बदल रहा है. यही कारण है कि पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच रही है. सोमवार को पुलिस ने कन्हैया से पूछताछ की है. अनुसंधान प्रभावित नहीं हो इसलिए मीडिया को भी पूछताछ के ब्योरे की भनक नहीं लगने दे रही है.

पुलिस सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कन्हैया कभी कह रहा है बैंक डकैती उसने नहीं की, दूसरे लोगों ने की है. कभी कह रहा है कि उसके गिरोह के लोगों ने डकैती की है, वह इसमें शामिल नहीं था, तो कभी कह रहा है कि लूट का पैसा खत्म हो गया. उसका कहना है कि वह अब तक पुलिस के डर से ही फरार था.
पहले भी पुलिस ने उसके घर की कुर्की की थी और परिजनों को पकड़ा था.
दूसरी तरफ पुलिस को बैंक डकैती मामले के अनुसंधान से मिले सुराग से कन्हैया के द्वारा ही घटना को अंजाम देने का बात सामने आ रही है. पुलिस यह भी मान रही है कि कन्हैया छोटा मोटा अपराधी नहीं है. वह बड़े अपराध को ही फुल प्रूफ योजना के तहत अंजाम देता है. अपराध जगत में पहले के मशहूर अपराधी सूत्रों की माने तो कन्हैया के आसानी से पकड़ में नहीं आने का कारण भी यही है कि वह जहां जहां रहता है, वहां के किसी छोटे-मोटे अपराध में शामिल नहीं होता है. यही कारण है कि स्थानीय लोग कन्हैया से कोई भय नहीं खाते हैं. कन्हैया को भागलपुर, बांका, देवघर, गिरडीह, कहलगांव, सुलतानगंज , बरियारपुर, शाहकुंड आदि न जाने कितने जगहाें के अपराधी सरगनाओं से सांठगांठ है. पुलिस के पहुंचने से पहले ही कन्हैया को पता चल जाता है. पुलिस आज मंगलवार तक ही कन्हैया से बैंक डकैती का राज पूछेगी. यदि आज भी कन्हैया इसी तरह टाल मटोल करता रहा, तो शायद बैंक डकैती का पूरी तरह खुलासा और लूट की राशि बरामद करना पुलिस के लिए मुश्किल हो सकता है.
फर्जी िटकट बनाने वाले िगरोह के सदस्य की पेशी कल
भागलपुर. फर्जी टिकट बनाने वाले सरगना के सदस्य दीपक चौधरी की मंगलवार को रेलवे कोर्ट में पेशी है. साक्ष्य जुटाने को लेकर आरपीएफ जी-तोड़ मेहनत कर रही है. आरपीएफ सरगना के सदस्य दीपक का कॉल डिटेल खंगालेगी. कॉल डिटेल रिपोर्ट के लिए नेटवर्क कंपनियों से आग्रह किया गया है. आरपीएफ की टीम जल्द ही मुंबई भी जायेगी. सूत्रों की मानें तो यह मामला रेलवे बोर्ड तक चला गया है. फर्जी टिकट बनाने वाले सरगना में मालदा रेलवे डिविजन के कुछ कर्मचारियों की संलिप्ता भी सामने आ रही है. पुलिस सभी िबंदुओं पर जांच कर रही है. साक्ष्य के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी. साक्ष्य मिलने पर रेलवे कर्मचारियों का नाम भी सामने आयेगा और गिरफ्तारी भी होगी.