बाल गृह में रह कर पढ़ेगी चांदनी

धनबाद : चांदनी (12), मीना (पांच) व मालती (तीन वर्ष ) मंगलवार को धनबाद पहुंची. तीनों को गोविंदपुर लाल बंगला स्थित बाल गृह में रखा गया है. तीनों बहनें लगभग दो माह पहले ट्रेन से भटकते हुए ओड़िशा के संबलपुर पहुंच गयी थी. बाल गृह प्रशासन अब चांदनी को पढ़ायेगा और उसे अपने पैरों पर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 16, 2015 6:23 AM

धनबाद : चांदनी (12), मीना (पांच) व मालती (तीन वर्ष ) मंगलवार को धनबाद पहुंची. तीनों को गोविंदपुर लाल बंगला स्थित बाल गृह में रखा गया है. तीनों बहनें लगभग दो माह पहले ट्रेन से भटकते हुए ओड़िशा के संबलपुर पहुंच गयी थी. बाल गृह प्रशासन अब चांदनी को पढ़ायेगा और उसे अपने पैरों पर खड़ा करेगा. चांदनी अपने पिता मंगल व सौतेली मां हेमिया के पास नहीं जाना चाहती है. लेकिन दोनों सौतेली बहनों पर उसका प्यार उमड़ता है.

भीख नहीं मांगूंगी, डॉक्टर बनूंगी चांदनी बोलती है कि उसके पिता दिन रात शराब पीते है, मां भी शराब पीती है. शराब के नशे में तीनों बहनों की पिटाई होती है और उन लोगों को घर से बाहर भीख मांगने के लिए भेज दिया जाता है. भीख में यदि रुपया मिला तो ठीक है नहीं मिला तो खाना नहीं दिया जाता है और जम कर पिटाई की जाती है.
कुछ माह पहले मंगल ने अपनी बेटी चांदनी के साथ मीना व मालती को एक ट्रेन में भीख मांगने के लिए बैठा दिया. तीनों भीख मांगते हुए ओड़िशा पहुंच गयी. लेकिन किस्मत ने उन्हें फिर से धनबाद पहुंचा दिया है. चाइल्ड लाइन इसके मां-पिता की तालाश कर रही है. चांदनी का कहना है कि वह भीख नहीं मांगना चाहती. पढ़-लिख कर डॉक्टर बनना चाहती है.
संबलपुर चली गयी थी तीनों सीडब्लूसी की चेयरपर्सन नीता सिन्हा ने बताया कि संबलपुर चाइल्ड लाइन ने धनबाद से संपर्क कर तीनों बच्चों की जानकारी दी थी. धनबाद बाल संरक्षण इकाई ने तीनों बच्चों को चाइल्ड लाइन के हवाले किया और मामला मेरे पास आया. जिसके बाद सभी को बाल गृह भेज दिया गया और अब उसके माता-पिता को ढूंढ़ा जा रहा है. चांदनी बाल गृह में रहकर पढ़ाई करेगी और दोनों बच्चियों के माता-पिता को बुलाया जायेगा. जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.