Dhanbad News: मुख्य संवाददाता, धनबाद. 15वें वित्त आयोग समेत विभिन्न मदों से शहर के विकास के लिए स्वीकृत 63 योजनाएं एक साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी हैं. हैरानी की बात यह है कि नगर निगम के स्वीकृति पत्र जारी करने के बावजूद संवेदकों ने अब तक एकरारनामा (एग्रीमेंट) तक नहीं किया है, जिससे सड़क, परिवहन और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं अधर में लटक गयी हैं.
नगर निगम ने इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी संबंधित 63 संवेदकों को नोटिस जारी किया है. उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि एक सप्ताह के भीतर एकरारनामा करें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जायेगी. निगम प्रशासन ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा के भीतर एग्रीमेंट नहीं होने पर संबंधित संवेदकों की जमानत राशि जब्त कर ली जायेगी. साथ ही उन्हें काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डालने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.इतना ही नहीं, निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार कर ली है. नियमावली के तहत ऐसे मामलों में एल-2 संवेदकों को कार्य आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी, ताकि योजनाओं को जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जा सके.
नगर निगम के इस सख्त रुख से यह साफ है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी. हालांकि, सवाल यह भी उठता है कि एक साल तक निगम की मॉनिटरिंग कहां थी, और आखिर इतने लंबे समय तक योजनाएं फाइलों में क्यों दबी रहीं.संवेदकों को भेजा गया नोटिस : संजय कुमार सिंह, अभिषेक कुमार सिंह, मां दुर्गा इंटरप्राइजेज, माही कंस्ट्रक्शन, हर्ष एंड आशीष इंटरप्राइजेज, सुनील कुमार यादव, सीता राम सिंह, योगेश कुमार मिश्रा, कमल सप्लाई एंड इंजीनियरिंग, मां भगवती कंस्ट्रक्शन, श्री लालजी इंटरप्राइजेज, दिनेश कुमार साव, रामदेव प्रसाद, मेसर्स मां भगवती कंस्ट्रक्शन, हयात बिल्डर्स, शैलेंद्र कुमार, मेसर्स तेजस इंटरप्राइजेज, मेसर्स सुजीत कंस्ट्रक्शन, मां तारा इंटरप्राइजेज, अरबनस्फेरे इंफ्रा लि, हरसन कॉमर्शियल प्रा लि, मेसर्स वेदिका इंटरप्राइजेज, आशीष कुमार सिंह, प्रियंका इंटरप्राइजेज, भगवान सिंह, मेसर्स दुर्गा प्रधान, जितेंद्र शर्मा, मृत्युंजय कुमार सिंह, अमित इंटरप्राइजेज, वरुण कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, मनीष कुमार पांडेय, प्रतीक इंटरप्राइजेज,मोती कंस्ट्रक्शन, मेसर्स राजू कंस्ट्रक्शन, राजा इंटरप्राइजेज, मेसर्स सुजीत कंस्ट्रक्शन, झारखंड इंटरप्राइजेज, मो अजहरउद्दीन, सपन मिश्रा, मेसर्स मां विंध्यवासिनी ट्रेडर्स, कुंदन सेन, गुड्डू कुमार केशरी, बीएम इंटरप्राइजेज, वैष्णवी ट्रेडर्स, मेसर्स ज्योति कंस्ट्रक्शन, उमेश प्रसाद, मेसर्स राजू कंस्ट्रक्शन.
मुख्य बिंदु
15वें वित्त आयोग समेत विभिन्न मदों की 63 योजनाएं एक साल से लंबितएग्रीमेंट नहीं करने पर संवेदकों को नोटिस
एक सप्ताह की अंतिम समय सीमा तयजमानत राशि जब्त करने की चेतावनी
ब्लैकलिस्टिंग की तैयारीएल-2 संवेदकों को काम देने की प्रक्रिया शुरू
कोट
15 वें वित्त आयोग व विभिन्न मदों से 63 योजनाओं का काम अब तक शुरू नहीं हुआ. टेंडर अवार्ड हो चुका है. संवेदक को स्वीकृति निर्गत पत्र जारी किया गया, लेकिन अब तक वे लोग एग्रीमेंट नहीं कर रहे हैं. सभी संवेदकों को नोटिस दिया जा रहा है. एक सप्ताह के अंदर एकरारनामा नहीं करते हैं तो उनकी जमानत राशि जब्त करते हुए ब्लैकलिस्ट की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. इसके साथ जो संवेदक एल-2 होंगे उन्हें, कार्य आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
-अनूप सामंता, मुख्य अभियंता, नगर निगम