Dhanbad News: 2025 में कोयला खदानों में 44 घातक दुर्घटनाएं, 54 लोगों की गई जान

कोयला खदानों में सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीकों और आधुनिक प्रशिक्षण के दावों के बावजूद हादसों पर प्रभावी लगाम नहीं लग पा रही है.

कोयला खदानों में सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीकों और आधुनिक प्रशिक्षण के दावों के बावजूद हादसों पर प्रभावी लगाम नहीं लग पा रही है. आलम यह है कि वर्ष 2025 में कोयला खदानों में घातक दुर्घटनाओं और मौतों के आंकड़ों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसने खनन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए है. बजट सत्र के दौरान संसद में प्रस्तुत लिखित जवाब में कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया कि वर्ष 2025 में देश की कोयला खदानों में 44 घातक दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 54 श्रमिकों की जान गई. यह आंकड़ा बीते वर्ष 2024 की तुलना में अधिक है, जब घातक दुर्घटनाओं की संख्या 38 और मृतकों की संख्या 49 रही थी.

बढ़ता चला गया दुर्घटनाओं का ग्राफ :

पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2022 में दुर्घटनाओं और मौतों में कमी जरूर आई थी, लेकिन इसके बाद से ग्राफ फिर ऊपर चढ़ता दिख रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के साथ-साथ जमीनी स्तर पर सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन और मानवीय लापरवाही पर नियंत्रण बेहद जरूरी है.

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By ASHOK KUMAR

ASHOK KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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