Dhanbad News: 310 करोड़ की योजना का काम छह साल बाद भी अधूरा

झरिया जलापूर्ति योजना को लेकर 150 किलोमीटर में से 47 किमी तक ही बिछायी जा सकी है पाइप लाइन.

By ASHOK KUMAR | January 12, 2026 1:51 AM

310 करोड़ रुपये की झरिया जलापूर्ति योजना का काम छह साल में भी पूरा नहीं हुआ है. इसके पीछे सिर्फ तकनीकी कारण ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक ढिलाई और एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी भी बड़ी वजह रही है. योजना की डीपीआर आठ साल पहले बनी. इसके बाद वर्ष 2019 में काम शुरू हुआ, लेकिन आज तक 34 हजार घरों में से एक भी घर में पानी का कनेक्शन नहीं दिया जा सका है.

एनओसी के नाम पर अटका है काम

योजना में सबसे बड़ा पेंच विभिन्न विभागों से एनओसी नहीं मिलना है. इंदिरा चौक और थाना मोड़ जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में पाइप लाइन बिछाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) से अब तक एनओसी नहीं मिल पाया है. वहीं रेलवे से सात जगहों पर अनुमति ली जानी थी. इनमें से पांच स्थानों पर एनओसी मिल चुका है, जबकि दो जगहों पर मामला वर्षों से लंबित है.

एजेंसी को चार बार दिया गया समय सीमा का विस्तार

योजना पर काम कर रही एजेंसी जीएमसी कंपनी को अब तक चार बार समय सीमा का विस्तार दिया जा चुका है. इसके बावजूद काम में तेजी नहीं आयी है. पाइप लाइन बिछाने के लिए सड़कों को काट दिया गया, लेकिन महीनों तक उनकी मरम्मत नहीं होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है.

वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे झरिया के लोग

झरिया के लोग वर्षों से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं. इस योजना से उनमें उम्मीद जगी थी, लेकिन छह साल बाद भी काम पूरा नहीं होने से लोग निराश हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि योजना को शुरू करने के पहले ही विभागों से एनओसी ले लेना चाहिए था. पाइप बिछाने के लिए जहां-तहां सड़क काट दी गयी है, लेकिन पाइप नहीं बिछाई गयी. इससे परेशानी और बढ़ गयी है.

जमाडा के कार्यपालक अभियंता महेश भगत ने कहा कि पंप हाउस और फिल्टर प्लांट का काम पूरा हो चुका है. 150 किलोमीटर में से 47 किलोमीटर पाइप लाइन बिछायी जा चुकी है. एनएचएआइ और रेलवे से एनओसी नहीं मिलने तथा लगभग 35 करोड़ रुपये के डेविएशन कार्य की स्वीकृति लंबित रहने से योजना प्रभावित हो रही है.

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