गोविंदपुर.भागवत मर्मज्ञ गोपाल व्यास ने कहा है कि कन्या से बड़ा कोई दहेज नहीं है. 20-25 वर्षों तक पाल पोश कर अपने जिगर के टुकड़े को दूसरे को समर्पित कर देना ही सबसे बड़ा दहेज है. पुराने समय में कन्या पक्ष अपनी इच्छा से वर पक्ष को उपहार देता था, परंतु अब तो लड़का वाले याचना करते हैं. यह समाज का एक कोढ़ हो गया है. धनबाद पब्लिक स्कूल के समीप तापडि़या परिवार द्वारा आयोजित भागवत कथा में व्यास जी ने कहा कि जिस समाज में दहेज की परंपरा है, उस समाज की बालिकाएं अपने को तुच्छ एवं अपमानित समझती है. एक तरह से लड़के वाले अपने बेटे को रकम लेकर बेच रहे हैं. उन्होंने रासोत्सव एवं रुक्मिणी विवाह का सजीव चित्रण भी किया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं. बुधवार को इसका समापन होगा.
कन्या से बड़ा दहेज कोई नहीं : गोपाल व्यास
गोविंदपुर.भागवत मर्मज्ञ गोपाल व्यास ने कहा है कि कन्या से बड़ा कोई दहेज नहीं है. 20-25 वर्षों तक पाल पोश कर अपने जिगर के टुकड़े को दूसरे को समर्पित कर देना ही सबसे बड़ा दहेज है. पुराने समय में कन्या पक्ष अपनी इच्छा से वर पक्ष को उपहार देता था, परंतु अब तो लड़का वाले […]
