नया जोश है, नयी उमंगें और है नयी जवानी

धनबाद: धनबाद प्रखंड का पंचायत है नावाडीह. बिरसा मुंडा पार्क के निकट. यहां के मुखिया गौतम कुमार गोप जिले के सबसे कम उम्र के मुखिया हैं. जब उन्होंने चुनाव जीता था उस वक्त उनकी उम्र साढ़े 21 साल थी. उन्होंने 11 प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ कर चुनाव में जीत हासिल की. ‘मेरे परिवार का कोई भी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 16, 2013 1:33 PM

धनबाद: धनबाद प्रखंड का पंचायत है नावाडीह. बिरसा मुंडा पार्क के निकट. यहां के मुखिया गौतम कुमार गोप जिले के सबसे कम उम्र के मुखिया हैं. जब उन्होंने चुनाव जीता था उस वक्त उनकी उम्र साढ़े 21 साल थी. उन्होंने 11 प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ कर चुनाव में जीत हासिल की. ‘मेरे परिवार का कोई भी सदस्य आज तक राजनीति में नहीं रहा है और न ही मेरी इच्छा थी.

लेकिन मैं बचपन से ही गांव के लोगों का सहयोग करता रहा हूं और उसी का परिणाम है उन्होंने चुनाव में मुङो खड़ा कर दिया.’ समाज सेवा के क्षेत्र में आने का गौतम यह कारण बताते हैं. पंचायत की आबादी लगभग छह हजार है.

सबका दुलारा : गौतम कुमार गोप पंचायत भर का दुलारा है. किसी को कोई जरूरत हो सब नि:संकोच उससे कहते हैं. और मुखियाजी भी एक पैर पर खड़ा होकर उनका काम करते हैं. न कोई ठसक न कोई ताम-झाम.

कई लोग तो अधिकार जमाते हुए कहते हैं करेगा कैसे नहीं! शादी-ब्याह, जन्म-मौत के मौकों पर मुखियाजी हाजिर रहते हैं. बुजुर्ग उन्हें अपने बेटे की तरह स्नेह रखते हैं. उन पर एक भी आपराधिक मामला नहीं है. हां एक बार जमीन विवाद को लेकर जानलेवा हमला हो चुका है. उनके पास एक सफारी है. अकसर वह अकेले ही चलते हैं.