कोल इंडिया ने देश में कोयले की आपूर्ति को सुचारू बनाये रखने के लिए ठोस कदम उठाये हैं. देश के कुल कोयला उत्पादन में कोल इंडिया की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक है. कंपनी ने चालू माह में 29 इ-नीलामी आयोजित करने की योजना बनायी है. इनके माध्यम से करीब 2.35 करोड़ टन कोयले की पेशकश की जायेगी. कोयला मंत्रालय के अनुसार 12 मार्च से अब तक पांच ई-नीलामी आयोजित की जा चुकी है. इनमें 73.1 लाख टन कोयले की पेशकश की गयी थी, जिसमें से 31.96 लाख टन काेयले की बुकिंग हो चुकी है. मंत्रालय ने बताया कि छोटे व मझोले उद्योगों को कोयला उपलब्ध कराने के लिए राज्य नामित एजेंसियों (एसएनए) के माध्यम से भी आवश्यक कदम उठाये गये हैं. वहीं राज्य सरकारों से अतिरिक्त कोयले की जरूरत बताने का अनुरोध किया गया है, ताकि संभावित ऊर्जा संकट से बचा जा सके.
बीसीसीएल में उत्पादन व आपूर्ति बढ़ाने पर जोर
कोल इंडिया की सहायक कंपनियों में बीसीसीएल कोकिंग कोयले के उत्पादन में अहम भूमिका निभाती है. इस पहल के तहत बीसीसीएल की खदानों से भी कोकिंग कोयले की आपूर्ति बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. इससे इस्पात उद्योग को राहत मिलेगी. बीसीसीएल के सीएमडी मनोज अग्रवाल ने उत्पादन व आपूर्ति दोनों मोर्चों पर तेजी लाने के निर्देश दिया है. ई-नीलामी के माध्यम से कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित कर उद्योगों की मांग पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है.
