55 करोड़ का करार, फिर भी ए टू जेड बेकार

धनबाद: ए टू जेड कंपनी शहर की सफाई में फेल साबित हो रही है. हर तरफ गंदगी ही गंदगी. बेशक लुबी सकरुलर रोड के कुछ बड़े अधिकारियों के दरवाजे के सामने नियमित सफाई हो रही है. यहां तक कि डीडीसी जैसे अधिकारी के घर के सामने कचरा भरा पड़ा है.... सर्किट हाउस के पीछे भी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 16, 2013 1:31 PM

धनबाद: ए टू जेड कंपनी शहर की सफाई में फेल साबित हो रही है. हर तरफ गंदगी ही गंदगी. बेशक लुबी सकरुलर रोड के कुछ बड़े अधिकारियों के दरवाजे के सामने नियमित सफाई हो रही है. यहां तक कि डीडीसी जैसे अधिकारी के घर के सामने कचरा भरा पड़ा है.

सर्किट हाउस के पीछे भी कचरे का अंबार है. यही हाल रांगाटांड़, बेकार बांध कॉलोनी, जय प्रकाश नगर आदि क्षेत्रों का है. सड़क पर कचरा का अंबार है. नालियां बजबजा रही है. उपभोक्ताओं को बालटी तो दी गयी लेकिन कचरा उठाने वाला नहीं आया. पार्षद अशोक पाल के आवास के आसपास भी गंदगी का अंबार है.

दिखाये गये थे सब्जबाग
शहर की सफाई के लिए ए टू जेड कंपनी के साथ नगर निगम का 55 करोड़ कॉन्ट्रैक्ट है. तामझाम के साथ 2 अक्तूबर 2012 से तीन वार्डो में काम शुरू हुआ. सब्जबाग दिखाया गया कि शहर चकाचक होगा. गंदगी का नामो निशान नहीं रहेगा. घर-घर से कचरा उठेगा. रोड पर स्वीपिंग मशीन चलेगी. सात माह बीत गये. लेकिन सफाई व्यवस्था आज भी बदहाल है. पायलट प्रोजेक्ट के तहत ए टू जेड को तीन वार्डो की सफाई दी गयी. इन वाडरे की सफाई में ए टू जेड फेल रहा. 25 हजार उपभोक्ताओं बालटी मिली, लेकिन आज तक उठाने वाला नहीं पहुंचा. इससे अच्छी व्यवस्था नगर पालिका की थी. कम से कम सफाई तो नियमित होती थी.

इन वार्डो में काम का दावा : 20, 24, 30 में अक्तूबर से चल रहा काम. हाल में वार्ड18, 19, 21, 22, 23, 25, 26, 27, 28, 29 व झरिया में वार्ड 36, 37 और कतरास में वार्ड एक और तीन में काम शुरू करने का दावा ए टू जेड ने किया है. लेकिन इनमें से कुछ वार्डो में ही लोगों को केवल बालटी मिली है. आज तक कचरे भरी बालटी को कलेक्ट करने कोई नहीं आया.