0-किडनी-लीवर डैमेज कर देगा फर्नेस ऑयल मश्रिति पानी

0-किडनी-लीवर डैमेज कर देगा फर्नेस ऑयल मिश्रित पानीपानी बहकर आगे जायेगा, तभी हो सकेगी जालपूर्ति उप मुख्य संवाददाता4धनबाद-जोड़ापोखरदामोदर से जलापूर्ति ठप हो जाने से झरिया, डिगवाडीह, भौंरा, सुदामडीह, लोदना समेत पुटकी व आसपास का इलाका प्रभावित है. जलापूर्ति तभी संभव है जब पानी में मिला फर्नेस ऑयल बह कर आगे निकल जायेगा. फिलहाल दामोदर का […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | October 15, 2019 12:00 AM

0-किडनी-लीवर डैमेज कर देगा फर्नेस ऑयल मिश्रित पानीपानी बहकर आगे जायेगा, तभी हो सकेगी जालपूर्ति उप मुख्य संवाददाता4धनबाद-जोड़ापोखरदामोदर से जलापूर्ति ठप हो जाने से झरिया, डिगवाडीह, भौंरा, सुदामडीह, लोदना समेत पुटकी व आसपास का इलाका प्रभावित है. जलापूर्ति तभी संभव है जब पानी में मिला फर्नेस ऑयल बह कर आगे निकल जायेगा. फिलहाल दामोदर का पानी जहर के समान है. इसके पीने से कई बीमारियां हो सकती हैं. किडनी तक फेल हो सकता है. लीवर खराब हो सकता है. इधर, मंगलवार सुबह जैसे ही मामले की जानकारी मिली, प्रंबधन एहतियात में जुट गया. प्रभारी एमडी सीएम कश्यप के निर्देश पर सुबह विभागीय टीम चंद्रपुरा गयी. टीम में शामिल स्वास्थ्य पर्यवेक्षक मो. असलम ने बताया कि टीम ने उस स्थान को भी देखा, जहां से तेल युक्त प्रदूषित जल नदी में मिल रहा है. इसके बाद टीम ने चंद्रपुरा थर्मल के एचआरडी राकेश सिन्हा से बातचीत की. उन्होंने तुरंत विभाग को निर्देश दिया कि वह प्रदूषित जल को रोकने की व्यवस्था करे. जमाडा के जल कार्य अधीक्षक पंकज झा ने कहा कि नदी के पानी को शुद्ध करने की दिशा में काम चल रहा है. गुरुवार तक जलापूर्ति की जा सकती है. दूसरी ओर जमाडा के टीएम इंद्रेश शुक्ला ने बताया कि जमाडा की टीम तेनुघाट के मार्फत फिर से जलापूर्ति बहाल करने की व्यवस्था में लगी है. इसमें समय लगता है, बुधवार से जलापूर्ति बहाल हो जाने की संभावना है. हालांकि अभी इसकी अधिकृत पुष्टि नहीं की जा सकती.पानी की होगी जांच : जेएसपीसीबीझारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद धनबाद के क्षेत्रीय पदाधिकारी आरएन चौधरी ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद विभागीय टीम ने प्रदूषित जल का सैंपल लिया है. जमाडा से भी विभाग ने इसमें सहयोग की अपील की है. 12 वर्ष पूर्व नदी में फैला था तैलीय पदार्थजमाडाकर्मियों ने बताया कि 12 वर्ष पूर्व भी नदी का पानी इसी तरह प्रदूषित हो गया था. जल के ऊपर दूर-दूर तक तैलीय पदार्थ फैला हुआ था.