धनबाद : आइआइटी आइएसएम की एआइइएसइसी चैप्टर की ओर से रविवार को पेनमेन हॉल में आयोजित यूथ स्पीक कार्यक्रम में एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल, सफल महिला उद्यमी डॉ नूपुर पवन बंग, फरहाद एसिडवाला और अंटो फिलिप ने परिवार के महत्व पर प्रकाश डाला.
कहा कि इंसान के लिए परिवार सबसे बड़ी पूंजी, सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने अपने अनुभवों से कई प्रेरक प्रसंग छात्रों को बताये. बाद में इन लोगों ने छात्रों के सवालों के जवाब भी दिये.
जब पिता ने दिया हौसला तब पीछे मुड़कर नहीं देखा : लक्ष्मी अग्रवाल ने बताया कि उस वक्त वह 15 वर्ष की थी, जब उनकी जिंदगी एक सिफफिरे के एसिड अटैक से लगभग तबाह हो गयी थी. वह आत्महत्या करना चाहती थी. लेकिन उनके माता-पिता ताकत बने. पिता ने कहा कि दुनिया में कुछ भी नामुमकिन नहीं. एक समय ऐसा आयेगा, जब तुम आगे रहोगी और दुनिया पीछे.
उसका चेहरा उस दरिंदे ने बिगाड़ तो दिया, मगर उसके हौसलों को वह दफन नहीं कर पाया. आज वह देश में एसिड अटैक की शिकार हुई लड़कियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है. इनके लिए वह 2006 से ही विभिन्न मंचों पर लड़ाई लड़ रही हैं. इसकी वजह से उन्हें पूरी दुनिया में पहचान मिली.
वह बताती हैं कि उन्होंने अपना पूरा जीवन अब एसिड पीड़िताओं के पुनर्वास की लड़ाई और बाजार में खुलेआम एसिड बेचे जाने के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए समर्पित कर दिया है. एसिड के खिलाफ उनकी मुहिम को अब लोगों को समर्थन मिलने लगा है.
500 दुकानदारों ने उन्हें लिख कर दिया है कि वे अपने यहां एसिड नहीं बेचेंगे. उन्होंने छात्रों से भी इस संबंध में सहयोग मांगा. उन्होंने कहा कि एसिड अटैक तब तक नहीं रुकेगा, जब तक कि समाज में महिलाओं को पुरुषों के सामान नहीं समझा जायेगा.
घटना के बाद आत्महत्या करना चाहती थी, माता-पिता ने दिया हौसला
फिल्म छपाक में दीपिका पादुकोण ने निभाया है लक्ष्मी का किरदार
एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकीं लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन पर फिल्म छपाक बनी है. यह फिल्म अगले साल जनवरी में रिलीज होगी. इस फिल्म में दीपिका पादुकोण ने लक्ष्मी के किरदार को निभाया है. निर्देशक हैं मेघना गुलजार.
