मोहन गोप, धनबाद : जिले में सरकारी इलाज तो मरीजों को मयस्सर नहीं हो रहा है, अब इसकी रिपोर्टिंग भी नहीं हो रही है. इस कारण धनबाद के चिकित्सा पदाधिकारियों से मुख्यालय (रांची) बेहद नाराज है. रिपोर्टिंग नहीं होने से मुख्यालय ने फटकार लगायी है.
दरअसल, एमटीआर (मेटेरनेल टेस्ट रेट) व सीडीआर (चाइल्ड डेथ रेट) की रिपोर्टिंग जिले से सभी प्रखंडों से नहीं हो पा रही हैं. इस सेशन में मात्र आठ से दस शिशु डेथ रेट की रिपोर्टिंग ही हो पायी है. मुख्यालय ने इसे लेकर पत्र भी भेजा है.
क्यों जरूरी है एमटीअार व सीडीआर : प्रसव के दौरान हजार में झारखंड में 208 के आसपास महिलाओं की मौत हो जा रही है. इस कारण प्रसव पूर्व महिलाओं की जांच कराने के लिए केंद्र सरकार योजना भी चला रही है, ताकि प्रसूता की मौत की संख्या कम हो. लेकिन रिपोर्टिंग नहीं होने से सरकार योजना नहीं बना पा रही है. वहीं शिशु डेथ रिपोर्टिंग में केंद्र सरकार की डब्ल्यूएचओ के साथ हलफनामा है कि हर आंकड़ा मुहैया कराया जायेगा.
