घर के गीले कचरे से कंपोस्ट बनायेगा निगम, प्रत्येक वार्ड में होगा दो-दो कंपोस्ट पिट

धनबाद : स्वच्छता सर्वेक्षण की उलटी गिनती शुरू हो गयी है. चार जनवरी 2019 से स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होगा. लिहाजा स्वच्छता को लेकर नगर निगम की गतिविधियां तेज हो गयी हैं. अगले दो माह तक शहर में स्वच्छता को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. साफ-सफाई के अलावा जागरूकता को लेकर भी कार्यक्रम चलाये जायेंगे. […]

धनबाद : स्वच्छता सर्वेक्षण की उलटी गिनती शुरू हो गयी है. चार जनवरी 2019 से स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होगा. लिहाजा स्वच्छता को लेकर नगर निगम की गतिविधियां तेज हो गयी हैं. अगले दो माह तक शहर में स्वच्छता को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे.
साफ-सफाई के अलावा जागरूकता को लेकर भी कार्यक्रम चलाये जायेंगे. सूखा व गीला कचरा के डिस्पोजल के लिए ब्लू प्रिंट तैयार किया गया है. प्रत्येक वार्ड में दो-दो कंपोस्ट पिट तैयार किया जायेगा. इसके अलावा बरटांड़ बस स्टैंड व झरिया राजा तालाब के पास सेंट्रलाइज पिट बनेगा. वार्ड के अलावा यहां पर गीला कचरा को कंपोस्ट कर खाद बनाया जायेगा.
डोर-टू-डोर के लिए आया 50 ठेला: डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए 50 ठेला मंगाया गया है. ठेला में ही सूखा व गीला कचरा के लिए अलग-अलग बॉस्केट होगा. घर-घर का गीला व सूखा कचरा कलेक्टर किया जायेगा. गीला कचरा को कंपोस्ट पिठ में डाला जायेगा, जहां खाद तैयार होगा. सूखा कचरा को कांपेक्टर मशीन से कंपेक्ट कर कचरे को सीधे डंपिंग प्वाइंट बनियाहीर में गिराया जायेगा.
सर्वेक्षण को लेकर फिर से एनजीओ रखने की तैयारी : सर्वेक्षण को लेकर फिर से एनजीओ रखने की तैयारी शुरू की गयी है. सर्वेक्षण के समय ही निगम प्रशासन को एनजीओ की याद आती है. दो से तीन माह के बाद फिर एनजीओ को हटा दिया जाता है. पिछले साल भी एनजीओ को रखा गया था. इसके बाद एनजीओ को ब्लैक लिस्ट करते हुए टर्मिनेट कर दिया गया. पार्षद निर्मल मुखर्जी ने सवाल उठाया है कि जिस एनजीओ को टर्मिनेट किया गया, फिर उसी एनजीओ को कैसे रखा जायेगा. यह नियम के विरुद्ध है.
कॉमर्शियल क्षेत्र में रखे जायेंगे 400 डस्टबीन : कॉमर्शियल क्षेत्र में 400 डस्टबीन रखे जायेंगे. एक सौ लीटर का चार सौ डस्टबीन का टेंडर निकाला गया है. पिछले साल भी कॉमर्शियल क्षेत्र में डस्टबीन लगाया गया लेकिन मेंटेनेंस नहीं होने के कारण कुछ डस्टबीन या तो टूट गये या चोरी हो गये.
निगम क्षेत्र में प्रतिदिन 550 मीट्रिक टन कचरा जेनेरेट होता है. कचरा कलेक्शन व डिस्पोजल के लिए व्यापक तैयारी की गयी है. प्रत्येक 250 हाउस पर एक ठेला दिया गया है जो डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करेगा. गीला कचरा को उसी वार्ड में कंपोस्ट पिट में डाल कर खाद बनाया जायेगा. सूखा कचरा को कंपेक्टर मशीन में कंपेक्ट कर सीधे बनियाहीर में डंप किया जायेगा. दो चार दिनों में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन शुरू हो जायेगा.
5000 अंकों का होगा सर्वेक्षण
इस बार 5000 अंकों का सर्वेक्षण होगा. सिटीजन फीडबैक के लिए 1250 अंक, सर्विस लेवल इंप्रूवमेंट के लिए 1250 अंक, सर्टिफिकेशन के लिए 1250 अंक व डायरेक्ट ऑबजर्वेशन के लिए 1250 अंक निर्धारित है. पहली बार ऑन लाइन डॉक्यूमेंटेशन लिया जा रहा है. 15 दिसंबर तक सर्वेक्षण से संबंधित सभी डॉक्यूमेंटेशन भेजना है.
स्वच्छता एप अपलोड करने में धनबाद आगे
स्वच्छता एप डाउनलोड करने में धनबाद आगे है. निगम क्षेत्र के आवास का 15 प्रतिशत एप डाउनलोड करना है. नगर निगम के दो लाख 20 हजार हाउस होल्ड का 15 प्रतिशत यानी 35 हजार स्वच्छता एप की जगह 45 हजार स्वच्छता एप अपलोड कर धनबाद राज्य में सबसे आगे है.

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