सीआइसी में क्यों रहें हमारे ही पतिदेव, धनबाद बुलाएं

धनबाद : रेल लोको पायलट की पत्नियां मंगलवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगायी. कहा कि उनलोगों को इंसाफ नहीं मिला तो अगली बार पूर्व मध्य रेल जीएम के हाजीपुर कार्यालय में धरना देंगी. आज लगभग एक दर्जन लोको पायलट (मालगाड़ी चालक) की पत्नियां एक बार फिर डीआरएम कार्यालय पहुंचीं. […]

धनबाद : रेल लोको पायलट की पत्नियां मंगलवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगायी. कहा कि उनलोगों को इंसाफ नहीं मिला तो अगली बार पूर्व मध्य रेल जीएम के हाजीपुर कार्यालय में धरना देंगी. आज लगभग एक दर्जन लोको पायलट (मालगाड़ी चालक) की पत्नियां एक बार फिर डीआरएम कार्यालय पहुंचीं.
जुलाई में भी ये डीआरएम कार्यालय पहुंची थी. डीआरएम से मिलने की जिद कर रही थी. लेकिन डीआरएम की जगह सीनियर डीइइ (ओपी) भारद्वाज चौधरी ने उन लोगों का ज्ञापन लिया. पत्नियों का कहना था कि उन लोगों के पति लंबे समय से सेट्रल इंडस्ट्रीयल कॉर्ड (सीआइसी) सेक्शन में पदस्थापित हैं. जिन लोगों की पैरवी होती है उन लोगों का ट्रांसफर हो जाता है. उनलोगों के पति का भी ट्रांसफर धनबाद या पाथरडीह होना चाहिए. महिलाओं ने कहा कि अगली बार बच्चों के साथ जीएम कार्यालय हाजीपुर जा कर धरना देंगी.
जरूरत पड़ी तो अनशन पर भी बैठेंगी. कहा अब अन्याय बर्दाश्त नहीं होता. हर स्तर पर इसका विरोध करेंगी. विदित हो कि रेलवे में सीआइसी सेक्शन को असुरक्षित और न्यूनतम सुविधाओं वाला क्षेत्र माना जाता है. इस सेक्शन के पलामू, गढ़वा समेत कई इलाके नक्सल प्रभावित हैं. ऐसे में धनबाद से गये अधिकतर रेलकर्मी अपने परिवार को साथ नहीं रख पाते. कभी-कभी ड्यूटी के दौरान रेलकर्मियों से लूटपाट होती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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