झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार (जमाडा) में वेतन की मांग को लेकर कर्मियों की अनिश्चतकालीन हड़ताल शुूक्रवार से शुरू हो गयी. प्रशासन के कड़े तेवर के बावजूद गुरुवार रात बारह बजे जमाडोबा वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट व तोपचांची स्थित झील से हड़ताली कर्मियों ने जलापूर्ति ठप कर दी. फलत: धनबाद कोयलांचल की लगभग 20 लाख की आबादी की जलापूर्ति प्रभावित हो गयी. इधर आज सुबह से ही मुख्यालय में लगभग तमाम कर्मी कार्य ठप करके हड़ताल पर नजर आयें.
हड़ताल के कारण सफाई, भवन निर्माण का नक्शा सहित अन्य तमाम कार्य ठप हो गया है. हड़ताल के कर्मियों आज सुबह मुख्यालय के खुलते हीं कार्यालय में प्रवेश के बजाय सामने सड़क पर नजर आये. इस मौके पर हड़ताली कर्मियों ने रोषपूर्ण प्रदर्शन भी किया जिसमें जमाडा प्रबंधन व सरकार के खिलाफ नारे लगाये जा रहे थे.
धनबाद : वेतन की मांग को लेकर शुक्रवार से बेमियादी हड़ताल पर गये जमाडा कर्मियों के साथ जिला प्रशासन की वार्ता फेल हो गयी. वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के बीच तल्खी बढ़ गयी. शुक्रवार को हड़ताली कर्मियों को वार्ता के लिए समाहरणालय बुलाया गया. सभा कक्ष में उपायुक्त ए दोड्डे सहित कई अधिकारी मौजूद थे. वार्ता के दौरान डीसी ने कहा कि नगर विकास सचिव से बात हुई है. सचिव ने जमाडा का जल दर बढ़ाने का आश्वासन दिया है. जल दर बढ़ने के बाद जमाडा कर्मियों को करंट वेतन मिलेगा. इस पर जमाडा कर्मी अरुण कुमार गिरि ने कहा कि हमें इन से क्या लाभ होगा. हम लोगों को तो सिर्फ 40 माह का बकाया वेतन चाहिए. जब तक वेतन नहीं मिलेगा, हड़ताल समाप्त नहीं होगी. इस पर डीसी ने कहा जलापूर्ति व्यवस्था को सैबोटैज नहीं करें. अगर जबरन किया गया तो जेल भेज देंगे. इस पर जमाडा कर्मियों ने कहा कि जेल भेज दें. कम से कम जेल के अंदर भोजन तो मिलेगा. बाहर तो भूखे मर रहे हैं.
सोमवार को सचिव से होगी वार्ता : डीसी ने बताया कि सोमवार को हड़ताली जमाडा कर्मियों के एक प्रतिनिधिमंडल से राज्य के नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह के साथ रांची में वार्ता होगी. कहा कि जमाडा कर्मी एक साथ 40 माह की वेतन मांग रहे हैं. यह जिला प्रशासन के स्तर से संभव नहीं है.
