अब उपायुक्त की जगह एसडीओ की ही अनुशंसा से रखे जायेंगे तस्करी के गोवंश

धनबाद : गोशाला में तस्करी के बाद आनेवाले जानवरों के लिए अब उपायुक्त की अनुशंसा की जरूरत नहीं होगी. इसके लिए एसडीओ की अनुशंसा ही काफी होगी. एसडीओ गोशाला के पदेन अध्यक्ष होते हैं. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने शुक्रवार को गोशाला संचालकों के साथ बैठक में यह तय किया. […]

धनबाद : गोशाला में तस्करी के बाद आनेवाले जानवरों के लिए अब उपायुक्त की अनुशंसा की जरूरत नहीं होगी. इसके लिए एसडीओ की अनुशंसा ही काफी होगी. एसडीओ गोशाला के पदेन अध्यक्ष होते हैं. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने शुक्रवार को गोशाला संचालकों के साथ बैठक में यह तय किया.

बैठक में तय किया गया कि गोवंशों के गोशाला में रखा जाने संबंधी आवेदन फॉर्म को भी सरल किया जायेगा. वहां के जानवरों को दिये जानेवाले चारे के बिल के साथ जीएसटी संबंधी जो पत्र निकाला गया था, उसे निरस्त कर दिया गया है. गोशाला को जानवरों के खाने के लिए मिलनेवाली राशि का भुगतान एडवांस किया जायेगा. दूसरी किस्त इस राशि के सभी प्रकार के सरकारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही दिया जायेगा.

तीन दिन के अंदर होगा बकाये का भुगतान
अभी कई गोशाला के पास जानवरों को खिलाये जानेवाले चारा का बकाया सरकार के पास पड़ा हुआ है. श्रीमती सिंघल ने आदेश दिया कि तीन दिनों के अंदर सभी गोशालों के बकाये का भुगतान कर दिया जायेगा. इससे संबंधित जो वर्तमान प्रक्रिया है, उसका सरलीकरण किया जायेगा. गोशाला संचालकों ने केंद्रों में नियमित पशु चिकित्सकों के पदस्थापन की मांग की थी. बैठक में तय किया गया कि जहां 500 से अधिक जानवर हैं, वहां सप्ताह में दो दिन पशुपालन विभाग के चिकित्सक जायेंगे. इनकी प्रतिनियुक्ति का आदेश विभाग निकालेगा.
सरकार खरीदेगी गोशाला में तैयार उत्पाद
बैठक में तय हुआ कि गोशाला में तैयार जैविक खाद सरकार खरीदेगी. इसकी प्रक्रिया पूरी की जायेगी. फिलहाल प्रति जानवर खाने के मद में 50 रु का अनुदान दिया जा रहा है. विभाग 100 रु करने का प्रस्ताव तैयार कर अनुमति लेगी. अभी गोशाला को छह माह का अनुदान दिया जाता है. इसे एक साल का कराने का प्रस्ताव भी तैयार किया जायेगा. विभाग गोशाला के अंदर ही पशु हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव तैयार करेगी. गोशाला को सरकारी स्तर पर जानवरों की दवा मिले, इसके लिए मंत्रिपरिषद का अनुमोदन प्राप्त करने की कोशिश होगी. वर्तमान में 31 गोशाला हैं, इसमें 21 ही निबंधित हैं. सरकार सभी गोशाला को निबंधित कराने का प्रयास करेगी.

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