दहेज एक राक्षस है, कर रहा समाज का विनाश

धनबाद. कुम्हारपट्टी (मनईटांड़) में चल रहे श्रीमद् भागवत भक्ति ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन बुधवार को कथाव्यास पं. गिरधारी शरण शास्त्री (श्री धाम वृंदावन) ने दहेज प्रथा पर कहा कि यह ऐसा राक्षस है जो ब्रह्मांड के सबसे पवित्र बंधन को भी शर्मसार करता है. यह किसी एक घर को नही समस्त समाज को विनाश […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 31, 2018 7:04 AM
धनबाद. कुम्हारपट्टी (मनईटांड़) में चल रहे श्रीमद् भागवत भक्ति ज्ञान यज्ञ के सातवें दिन बुधवार को कथाव्यास पं. गिरधारी शरण शास्त्री (श्री धाम वृंदावन) ने दहेज प्रथा पर कहा कि यह ऐसा राक्षस है जो ब्रह्मांड के सबसे पवित्र बंधन को भी शर्मसार करता है. यह किसी एक घर को नही समस्त समाज को विनाश की ओर ले जा रहा है. इस दहेज के कारण कन्याओं को मां के गर्भ में ही मार दिया जाता है. इसी पाप के कारण इस धरती पर ही मनुष्य नरक के समान दुख भोगता है.
उन्होंने बताया कि आज आप इस बात पर संकल्प लें कि इस दहेज रूपी दैत्य का पूर्णत: नाश कर देंगे. अपने पुत्र के विवाह में कभी भी दहेज नहीं लेंगे. साथ हीं यह भी संकल्प लें कि जो मां-बाप की सेवा करेंगे. जो हमें जन्म देकर, पढ़ा-लिखाकर किसी योग्य बनाते हैं कि हम अपने पैरों पर खड़े हो सके और जीना सिखते हैं-उसी मां बाप के वृद्ध हो जाने पर हम उन्हें वृद्धाश्रम में छोड़ आते हैं. मां-बाप को भगवान का भी दर्जा दिया जाता है. ये वृद्धावस्था में अपने बच्चों के साथ रहने के लिए तड़पते हैं.
हमारे इस व्यवहार को भविष्य में बच्चे भी अपना कर उसका प्रदर्शन करते हैं. असके अलावा आज सुदामा-कृष्ण की मित्रता और श्री शुकदेव पूजन कर परिक्षित मोक्ष की कथा भी सुनायी गयी.