डीसी लाइन बंद, फिर भी मुस्तैद है कतरास जीआरपी

धनबाद: धनबाद-चंद्रपुरा रेल मार्ग बंद होने के बाद अब कतरास रेल थाना (जीआरपी) में सन्नाटा पसरा रहता है. ट्रेन आती-जाती नहीं, न टिकट घर खुलता है और न ही यात्री आते हैं. लेकिन जीआरपी के कर्मी खासकर थाना प्रभारी सूर्यदेव सिंह पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी बजा रहे हैं. जीआरपी का काम रेल परिसर और ट्रेनों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 13, 2017 8:38 AM
धनबाद: धनबाद-चंद्रपुरा रेल मार्ग बंद होने के बाद अब कतरास रेल थाना (जीआरपी) में सन्नाटा पसरा रहता है. ट्रेन आती-जाती नहीं, न टिकट घर खुलता है और न ही यात्री आते हैं. लेकिन जीआरपी के कर्मी खासकर थाना प्रभारी सूर्यदेव सिंह पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी बजा रहे हैं. जीआरपी का काम रेल परिसर और ट्रेनों में अपराध रोकना अथवा अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करना है. 15 जून को रेल लाइन बंद होने के बाद से इस थाना में कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया है.
थाना प्रभारी सहित 11 कर्मी
कतरास रेल थाना में थानेदार के अलावा छह जमादार, दो हवलदार और एक सिपाही अब भी तैनात हैं. सभी की ड्यूटी नियमित रूप से बांटी जाती है और नियमित रूप से सभी ड्यूटी कर भी रहे हैं. लेकिन अब उन्हें ड्यूटी करने में मन नहीं लगता है. न तो ट्रेन चलती है और न ही अपराधी. भीड़ को कंट्रोल करने तक का काम नहीं बचा है. अब तो कतरास स्टेशन पर सिर्फ अावारा कुत्ते और गरीब तबके के लोग ही शरण लेने की गरज से आते हैं.
37 साल पहले बना था थाना
कतरास रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर 28 अप्रैल 1980 को जीआरपी थाना बनाया गया था. बिहार सरकार की अधिसूचना 2855 के अनुसार इसकी स्थापना की गयी थी. जबकि इस थाना में 15 मई 2017 को अंतिम मामला दर्ज किया गया था. इस केस में उदय कुमार नामक वादी ने ट्रेन से सामान चोरी की शिकायत रांची जीआरपी में की थी और उस केस को कतरास भेजा गया था. इस केस में एफआरटी नो क्लू हुआ था.
कतरास जीआरपी थाना अभी वहीं पर रहेगा. क्योंकि रेल मार्ग बंद होने के बाद अब सारा निर्णय रेलवे बोर्ड को लेना है. उसी के अनुसार हम लोग भी काम करेंगे. फिलहाल वह थाना का सभी काम होता रहेगा. जब उस रेल मार्ग में पूरी तरह से सभी काम बंद हो जायेंगे, उसके बाद सरकार को थाना बंद करने के लिए लिखा जायेगा. उसके बाद थाना हटेगा. इसमें लंबी प्रक्रिया है जिसे पूरी तरह से फॉलो करना होता है.
एचपी जनार्दनन, रेल एसपी, धनबाद