आइआइटी आइएसएम: एक अनशनकारी को भेजा गया अस्पताल, आज फिर होगी वार्ता, रास्ते के लिए महिलाओं ने मेन गेट किया जाम

धनबाद: आइआइटी आइएसएम, धनबाद से होकर रास्ते की मांग को लेकर लाहबनी, भेलाटांड़ व धैया के लोगों का अनशन तीसरे दिन रविवार को भी जारी रहा. आज एक अनशनकारी प्रवीण झा की तबीयत बिगड़ गयी. चिकित्सक ने उन्हें पीएमसीएच में भरती करा दिया. वहीं दूसरे अनशनकारी अतुल आनंद झा अनशन स्थल पर डटे हैं. इधर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 31, 2017 8:54 AM
धनबाद: आइआइटी आइएसएम, धनबाद से होकर रास्ते की मांग को लेकर लाहबनी, भेलाटांड़ व धैया के लोगों का अनशन तीसरे दिन रविवार को भी जारी रहा. आज एक अनशनकारी प्रवीण झा की तबीयत बिगड़ गयी. चिकित्सक ने उन्हें पीएमसीएच में भरती करा दिया. वहीं दूसरे अनशनकारी अतुल आनंद झा अनशन स्थल पर डटे हैं. इधर रविवार को आइआइटी प्रबंधन के साथ आंदोलन कर रहे लोगों की वार्ता भी हुई, जो सफल नहीं रही. अनशनकारी डटे हैं. इस बीच आइआइटी आइएसएम प्रबंधन के साथ लाहबनीवासियों की सोमवार को साढ़े चार बजे वार्ता होगी. संस्थान प्रबंधन ने लिखित दिया है कि वार्ता में आंदोलनकारियों की सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जायेगा. वार्ता के लिए बुलाये जाने के बाद रात के करीब सवा नौ बजे गेट पर जुटी सभी महिलाएं अपने-अपने घर चली गयीं.
क्या है मांग : आंदोलन कर रहे लोगों की मांग है कि मध्य विद्यालय, धैया के निकट बंद किया गया गेट पुन: खोल दिया जाये. साथ ही रानीबांध, धैया से पीके राय मेमोरियल कॉलेज तक सड़क का निर्माण कराया जाये. अनशन कर रहे अतुल ने बताया कि आबादी से 100 मीटर के दायरे में पावर सब-स्टेशन का निर्माण नहीं होना चाहिए. बावजूद आइआइटी प्रबंधन ने ऐसा किया. पावर सब-स्टेशन के मैगनेटिक फील्ड से मवि धैया के बच्चों को खतरा है.
मुख्य गेट पर बैठीं महिलाएं : आइआइटी के मुख्य गेट (गेट संख्या एक) पर दर्जनों महिलाएं पूरे दिन बैठी रहीं. इस दौरान संस्थान के किसी अधिकारी, कर्मचारी या प्राध्यापक को आने-जाने नहीं दिया गया. केवल स्टूडेंट्स को छोटे गेट से आने-जाने दिया गया. सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल को बुलाया गया था. पुलिस ने आंदोलनकारियों को हट जाने के लिए काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने. मुख्य गेट पर ताला जड़ कर महिलाएं दरी बिछा कर बैठी रहीं.
सफल नहीं रही वार्ता : सुुबह मेंं रजिस्ट्रार कर्नल (रिटायर्ड) एमके सिंह एवं अन्य अधिकारियों के साथ आंदोलनकारियों की वार्ता हुई. इस दौरान लोगों ने लाहबनी गेट को खोलने की मांग की, लेकिन प्रबंधन सहमत नहीं दिखा. प्रबंधन के अनुसार जान-माल की सुरक्षा के लिहाज से फिलहाल रास्ता पूरी तरह खोलना संभव नहीं है, लेकिन इस पर प्रबंधन विचार करेगा. प्रशासन से इजाजत मिलने के बाद इस पर कोई निर्णय लिया जायेगा. आइआइटी से गंदे पानी को एक सप्ताह उधर जाने से रोक दिया जायेगा. रजिस्ट्रार श्री सिंह ने बताया कि प्रबंधन उनके लिए वैकल्पिक रास्ता बना रहा है. उसके बन जाने पर यह समस्या स्वत: सुलझ जायेगी.
क्या कहते हैं आंदोलनकारी
उपायुक्त को लिखे पत्र में लोगों ने मांग की है कि प्रबंधन सामाजिक दायित्व के तहत रानी बांध से पीके राय मेमोरियल कॉलेज तक अपनी चहारदीवारी को 40 फीट पीछे कर सुलभ रास्ता दे. लाहबनी के लोगों को दुर्गा मंदिर जाने का रास्ता दे. रानी बांध तालाब व लाहबनी में गंदगी फैलाना तत्काल बंद करे. दो वर्ष पूर्व आइएसएम प्रबंधन द्वारा मार्ग अवरुद्ध किये जाने के कारण शक्ति यादव नामक युवक की इलाज के अभाव में मृत्यु हो गयी थी, जिसके परिजनों को मुआवजा मिले. क्लोज कैंपस के नाम पर लोगों को परेशान न किया जाये. रास्ता नहीं होने के कारण बस्ती तक न फायर ब्रिगेड पहुंच सकती है और न एंबुलेंस ही पहुंच पायेगा.