मधुपुर. प्रखंड क्षेत्र की गोनैया पंचायत अंतर्गत बिल्ली गांव निवासी गौरी देवी के पति मंटू मांझी की सड़क दुर्घटना में पिछले 22 दिसंबर 2024 को हुई मृत्यु के बाद भी पीड़िता को प्रशासन द्वारा किसी प्रकार का सहयोग नहीं मिल रहा था. पीड़िता की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय थी. पति की मृत्यु के बाद परिवार भुखमरी व आर्थिक संकट का सामना कर रही थी. मामले को सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दास ने सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़िता के दर्द को सार्वजनिक किया, जिसपर मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीसी ने पीड़ित महिला को संबंधित अधिकारियों को सहायता देने के लिए स्थल भेजे जाने का निर्देश दिया. इसके बाद पिछले 19 मई को देर रात अंचल अधिकारी सारठ, मधुपुर सीओ यामुन रविदास, मधुपुर बीडीओ अजय कुमार दास पीड़ित महिला के घर पहुंच कर तत्काल 10 हजार नकद सहायता राशि व राशन सामग्री उपलब्ध कराया. वहीं, अगले दिन प्रशासन द्वारा बच्चों का आधार कार्ड बनवाया गया, परिवार का हेल्थ कार्ड जारी किया गया. साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू किया गया. वहीं, शुक्रवार को गौरी देवी को एक लाख का चेक सारठ अंचलाधिकारी ने दिया. वहीं, स्थानीय मुखिया मुकेश कुमार ने प्रमाण पत्र सौंपा.
भुखमरी की कगार पर पहुंची गौरी देवी को मिला एक लाख का चेक
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई: पीड़िता परिवार को मिली आर्थिक मदद
