लखोरिया गांव में बही भक्ति की बयार

श्रीमद्भागवत के 18000 श्लोक में भरा है ज्ञान का भंडार

सारवां. प्रखंड क्षेत्र के लखोरिया गांव में भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया. रविवार को वृंदावन के कथा वाचक आचार्य अजय कृष्ण ने प्रवचन में कहा कि श्रीमद्भागवत हमारे लिये ज्ञान की गंगा है. यह हमें जीव और जीवन के रहस्य का ज्ञान देती है. उन्होंने कहा कि सात रात श्रीमद्भागवत संत समाज के लिये भी दुर्लभ है. उन्होंने कहा कि कथा में ज्ञान का रस प्रवाहित होता है. इस अवसर पर उन्होंने भागवत की महिमा का वर्णन करते हुए भक्ति योग, रस भाव, साधन और ज्ञान, भक्ति के मार्ग, द्वैत मार्ग, समन्वय के साथ उसमें मानवों के लिए दिये गये उपदेशों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी. कहा कि यह हमें संपूर्णता की ओर ले जाता है. कथावाचक कृष्ण ने कहा कि श्रीमद्भागवत सभी वेदों का सार है. इसके श्रवण से मानव का मन तृप्त हो जाता है. भागवत के 18000 श्लाकों में जीवन का रहस्य छिपा है. सात दिन तक कथा के श्रवण से मानव का आध्यात्मिक विकास के साथ जन्म जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं. मौके पर आचार्य गजानंद पाठक, यजमान जय कुमार मिश्र व कंचन माला मिश्र मौजूद थे.

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