सोहराय मिलन समारोह में दिखी आदिवासी संस्कृति की झलक
पालोजोरी के स्टेडियम में हुआ आयोजन
पालोजोरी. पालोजोरी स्टेडियम में मंगलवार को आदिवासी जागृति मंच के बैनर तले सोहराय मिलन समारोह का आयोजन हुआ. समारोह में आदिवासी समुदाय के महिला व पुरुष पारंपरिक परिधानों में मांदर के थाप पर झूमते हुए लोगों को आदिवासी संस्कृति से परिचित कराया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर समाजसेवी बाबूराम मुर्मू, विशिष्ठ अतिथि परमेश्वर मरांडी, पूर्व जिला परिषद सदस्य छाया कोल, आदिवासी महासभा के महासचिव पशुपति कोल, जागृति मंच के संयोजक सह मुखिया गोकुल सोरेन, कुंजबोना मुखिया लाल किशोर सोरेन, हाकिम टुडू ने कहा कि आदिवासी संस्कृति विश्व की सबसे पुरातन संस्कृतियों में से एक है, लेकिन आधुनिकता के इस दौर में आदिवासी समाज अपनी संस्कृति से विमुख हो रही है. हमें इसे सहेजने की जरूरत है. समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने व सामाजिक बुराइयों को दूर करने की जरूरत है. कार्यक्रम के दौरान मंच संचालन सुशील बास्की ने किया. मौके पर आदिवासी जागृति मंच के संयोजक गोकुल सोरेन मुखिया सिकटिया पंचायत, मुखिया लाल किशोर सोरेन, प्रेम हेंब्रम, बेजल टुडू, राकेश सोरेन, परिमल हेंब्रम, रामेश्वर हेम्ब्रम, प्रदीप मुर्मू, मानसिंह मरांडी, सोनू सोरेन, बोड़ोधन मुर्मू, राकेश सोरेन, सुशील किस्कू आदि मौजूद थे.
मांदर की थाप पर थिरके लोग:
सोहराय मिलन समारोह में आदिवासी समुदाय की महिलाएं व पुरुष पारंपरिक वेश भूषा में मंदर की थाप पर थिरकते हुए समा बांध दिया. आदिवासी नृत्य के माध्यम से समाज ने यह दर्शाया कि आदिवासी संस्कृति में नृत्य, संगीत व वाद्यों का कितना महत्व है. कार्यक्रम में लोरियो से सारी सारजोम बाहा ग्रुप, कुशबा गुलाब बाहा ग्रुप, बाड़ीडीह की सांस्कृतिक कला केंद्र आदिवासी क्लब बाड़ीडीह, बाड़ीडीह किया बाहा ग्रुप के अलावा अन्य कई दलों ने इसमें हिस्सा लिया. इस दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले ग्रुप को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.हाइलार्ट्स : आदिवासी समुदाय के लोगों ने मांदर के थाप पर पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर बांधा समा
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