मधुपुर. शहर समेत ग्रामीण अंचलों में रोजेदारों ने निहायत ही अदबो एहतराम के साथ रमजान के तीसरे जुमे की नमाज मस्जिदों में अदा की. इमाम ने बताया कि रोजा रखने से अल्लाह राजी होता है. सभी लोगों को फितरा, जकात निकालना जरूरी है. साथ ही जमात के साथ पांच वक्त की नमाज अदा करना फर्ज है. कहा कि रमजानुल मुबारक का महीना साल के सबसे अफजल महीनों में से एक है. इस महीने में अल्लाह गुनाहगारों के सभी गुनाहों को माफ करते है. नबी इशाद फरमाते है कि रमजान के हर शब से सुबह सादिक कर अल्लाह बंदों के गुनाहों को माफ करता है. कहा कि सुबह सेहरी के बाद से इफ्तार के समय तक 60 हजार गुनाहगारों को दोजक से आजाद करता है. रमजान के जुमे के हर घडी 10 लाख गुनाहगारों को मगफिरत दी जाती है.
रोजेदारों ने अदा की रमजान के तीसरे जुमे की नमाज
मधुपुर: मधुपुर के मस्जिदों में इबादत को जुटे रोजेदार
