प्रतिनिधि, पालोजोरी; पालोजोरी-सारठ मुख्य मार्ग पर स्थित फूलजोरी पहाड़ में स्थित बसहा जंगल में शनिवार को अचानक आग लग गयी. सामाजिक वानिकी के तहत बसहा में लगाए गए जंगल में सूखे पत्ते व धास फूस के कारण आग तेजी से भड़क गयी और देखते देखते यह विकराल रूप धारण कर लिया. अगलगी की जानकारी लोगाें ने वन विभाग को दी. इसके बाद डीएफओ के निर्देश पर वन विभाग के कर्मी वनपाल, कैटल गार्ड व सामाजिक वानिकी के कर्मी बसहा जंगल पहुंचकर आग को बुझाने का प्रयास शुरू किया. लेकिन तब तक आग फूलजोरी पहाड़ की तराई तक पहुंच चुकी थी. इसके बाद देखते ही देखते आग पहाड़ के ऊपर तक फैलने लगी. रात लगभग 9 बजे तक वन विभाग के कर्मियों ने काफी मशक्कत कर जंगल के आग को बुझाने में आंशिक रूप से सफलता पाई, लेकिन पहाड़ में लगी आग को बुझाने में वे लोग नाकाम रहे. इस भयंकर आग के कारण फूलजोरी पहाड़ में मौजूद दुर्लभ जड़ी बुटियों के साथ-साथ बेशकीमती पेड़-पौधे और वन्य प्राणियों के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगा लगा है. पहाड़ में लगी आग इतनी भयानक है कि रात को इसे 10 से 15 किलोमीटर की दूर से भी देखा जा सकता है. साथ ही लगातार यह आग पहाड़ में फैलती ही जा रही है. पहाड़ में यह आग पहले बसहा पंचायत भवन के पीछे सामाजिक वानिकी के तहत लगाए गए वन में लगी. इसके बाद यह पहाड़ में फैलना शुरू किया. स्थानीय लोगों व वन विभाग के कर्मियों की माने तो आसमाजिक तत्वों ने पहले जंगल में आग लगायी, जिसके कारण यह भड़क गयी और पहाड़ में भी फैल गयी. पिछले कई वर्षों से पहाड़ में लग रही है आग-पीछले कई वर्षों से लगातार पहाड़ में इस तरह की आग लग रही है. जिसके कारण इस पहाड़ को भी काफी क्षति पहुंची है. फूलजोरी पहाड़ अंचल क्षेत्र का काफी महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल भी है. नए साल के अवसर पर यहां पिकनिक मनाने के लिए सैलानियों का जमावड़ा लगा रहता है. जड़ी-बुटियों के जानकार का कहना है कि पहाड़ी में बार-बार आग लगने से पहाड़ में मौजूद कई दुर्लभ जड़ी-बूटी नष्ट हो गया है और अब वह पहाड़ में दिखाई नहीं पड़ता है. पर्यावरण प्रेमी सह शिक्षाविद कृष्ण कुमार, रवीन्द्र कुमार भगत, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि सह समाजसेवी अनूप सिंह, राम शंकर साह, जलट साह, आस्तिक गिरी समेत अन्य लोगों ने विभाग से इस आग को बुझाने की अपील की है.
आग बुझाने के लिए विभाग कर रही है प्रयास:
पहाड़ में लगी आग को बुझाने के लिए वन विभाग प्रयासरत है. फूलजोरी के वनरक्षी विक्रमजीत सिंह ने बताया कि आग पहले बसहा जंगल में लगायी गयी, जिसके बाद यह पहाड़ के तराई होते हुए पहाड़ के ऊपर तक पहुंची है. पहाड़ में सूखा धास व पत्ता होने के कारण आग तेजी से फैल गयी. आग बुझाने में स्थानीय कर्मी व लोगों ने काफी प्रयास किया है. रात 9 बजे तक जंगल के आग को बु़झा लिया गया है, लेकिन पहाड़ में ऊंचाई पर आग लगने व यहां कोई उचित साधन उपलब्ध नहीं होने के कारण आग को पूरी तरह से बुझाया नहीं जा सका है. रविवार को पुनः आग बुझाने का प्रयास किया जायेगा. हालांकि इस आग में कितना का नुकसान हुआ है यह नहीं बताया गया. मौके पर वन पाल विक्रमजीत सिंह के अलावा सामाजिक वानिकी के प्रदीप सोरेन, केटल गार्ड राजेंद्र, सुधीर समेत अन्य मौजूद थे.हाइलाट्स : असामाजिक तत्वों ने बसहा जंगल व फूलजोरी पहाड़ में लगायी आग आग के कारण वन्य प्राणी के अस्तित्व में भी संकट के बादल
आग बुझाने जुटी वन विभाग की टीम